Sonbhadra News : देश में जनतंत्र पर बढ़ते हमलों के खिलाफ कम्युनिस्ट कार्यकर्ताओं ने किया कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
देश में जनतंत्र पर बढ़ते हमलों के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से से भेजा।

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6:39 PM, July 13, 2026
शांतनु कुमार
सोनभद्र। सोमवार को भाकपा, माकपा और भाकपा (माले) के संयुक्त तत्वावधान में अपने राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत देश में जनतंत्र पर बढ़ते हमलों के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से से भेजा।
जहां कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हुए अल्पसंख्यक, दलित-आदिवासी विरोधी बुलडोजर अभियान यथावत चल रहा है। भाजपा से असहमति रखने वाले, सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं व बुद्धिजीवियों का दमन करके फर्जी मुकदमे लगाकर जेल भेजा जा रहा है। अपने हक-अधिकार के लिए संघर्ष करने वाले मजदूरों को जेलों में कैद कर दिया गया है।
वक्ताओं ने कहा कि डबल इंजन वाली सरकार में देश में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि आपातकाल जैसी स्थिति हो। उन्होंने कहा कि मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम के हत्याकांड में न्याय की मांग करने वाले परिजनों व प्रदर्शनकारियों से बर्बर, मनुवादी, हिंसक व गैर-संवैधानिक व्यवहार करने वाले एसएसपी अविनाश पांडेय को तत्काल निलंबित कर कड़ी सजा दी जाय।
इस दौरान धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कम्युनिस्ट नेताओं ने सोनभद्र जिला प्रशासन की भर्त्सना करते हुए कहा कि जनपद मे शासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में परिसर के पीछले दरवाजे के पास एक धरनास्थल निर्धारित कर दिया है। वहां पूर्व सूचना होने पर भी कोई सक्षम अधिकारी ज्ञापन लेने अथवा प्रदर्शनकारियों से बात करने नहीं आता। उन्होंने धरना-प्रदर्शन के लिए धरनास्थल कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गांधी उद्यान में सुनिश्चित कराने की आवाज उठाई।
प्रदर्शन में भाकपा जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा, माकपा जिला सचिव कामरेड नन्द लाल आर्य , भाकपा (माले) जिला सचिव कामरेड सुरेश कोल, बसावन गुप्ता, चन्दन प्रसाद, मोहम्मद कलीम, प्रेम नाथ, नागेन्द्र प्रसाद, महेंद्र सिंह, राजबली, हनुमान प्रसाद, नन्द लाल यादव, ईश्वर दयाल, श्याम नारायण सिंह, गीता देवी, परमेश्वरी देवी आदि नेताओं के साथ दर्जनों की संख्या कम्युनिस्ट कार्यकर्ता मौजूद रहे।




