Sonbhadra News : जन समस्याओं को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने ग्रामीणों के साथ की बैठक
चोपन विकास खंड के सबसे बड़े ग्राम पंचायत जुगैल के मुर्गी डांड़ टोला में जन समस्याओं को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का ग्रामीणों के साथ बैठक संपन्न।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता ग्रामीणों के साथ बैठक करते
sonbhadra
10:59 PM, December 2, 2024
घनश्याम पांडेय (संवाददाता)
जुगैल (सोनभद्र) । चोपन विकास खंड के सबसे बड़े ग्राम पंचायत जुगैल के मुर्गी डांड़ टोला में जन समस्याओं को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का ग्रामीणों के साथ बैठक संपन्न ।
# भाकपा की बैठक में क्षेत्र की समस्या, बेरोजगारी और सरकारी योजनाओं में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों का रहा ग़ुस्सा।
# बृहद क्षेत्रफल वाले ग्राम पंचायत जुगैल के अनुसुचित और अनुसूचित जनजाति की लगभग दो हजार की आबादी वाले टोला मुर्गी डांड़ में किसी परिवार के पास नहीं है शौचालय और ना ही प्रधानमंत्री आवास,
जिससे है ग्रामीणों में शासन प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश।
# मुर्गी डांड़ के ग्रामीणों का आरोप, पुरा गांव हो गया है ओडीएफ में दर्ज, लेकिन इस टोले में किसी परिवार को नहीं मिला है अब तक सरकारी शौचालय और आवास।
# जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो जन समस्याओं और सरकारी योजनाओं में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों संग भाकपा करेगी चोपन विकास खंड कार्यालय का घेराव;आर के शर्मा
चोपन (सोनभद्र) विकास खंड चोपन के सबसे बड़े ग्राम पंचायत जुगैल के टोला मुर्गी डांड़ में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का रविवार को देर शाम तक क्षेत्रीय व ग्रामीण जन समस्याओं को लेकर बैठक संपन्न हुआ।
जहां पार्टी की सदस्यता, नवीनीकरण के साथ क्षेत्र की जटिल समस्याओं को लेकर चर्चा किया गया। बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जहां डिजिटल इंडिया पर जोर दे रही है वहीं इस क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समस्या को दूर करने की कोई पहल नहीं कर रही, किसी भी अपदा व इमरजेंसी में इस क्षेत्र के लोग मौके पर न एंबुलेंस की सेवा का लाभ उठा सकते हैं और न पुलिस की सहायता प्राप्त कर सकते हैं, यह सबसे बड़ी समस्या है। इस क्षेत्र में लोगों को रोजगार देने के नाम बालू का खनन किया जा रहा है परन्तु मजदूरों को अपने रोजी-रोटी के लिए अन्य शहरों का सहारा लेना पड़ रहा है। खनन में अवैध तरीके से खुलेआम मशीनीकरण किया जा रहा है, खनन में रोजगार मांगने पर और चल रहे अवैध तरीके से खनन की शिकायत करने पर पुलिस द्वारा लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है । क्षेत्र में खेती किसानी के लिए सिंचाई का पर्याप्त अभाव है । खेती के जमीनों का भी समतलीकरण किया जाना चाहिए। बैठक में ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सबसे बड़े ग्राम पंचायत में सुमार ग्राम पंचायत जुगैल का मुर्गी डांड़ टोला जो अनुसूचित व अनुसूचित जनजाति सहित लगभग दो हजार की आबादी वाला टोला है, जहां पूरे टोला में पांच साल से बिजली का खंभा खड़ा है और लोगों को सौभाग्य योजना के तहत बिजली का कनेक्शन भी दिया गया है लेकिन आज तक इस बिजली के तार से घर में बल्ब नहीं जला । दो हजार की आबादी वाले इस टोले में न किसी परिवार को शौचालय और ना ही प्रधानमंत्री आवास प्राप्त हुआ है, लोग शौच करने खेतों व खुले स्थान पर जाते है लेकिन जुगैल ग्राम पंचायत संपूर्ण स्वच्छता अभियान के साथ ओडीएफ में दर्ज कर दिया गया है,यह दुर्भाग्य है। गांव में आंगनबाड़ी, एएनएम सेंटर और बच्चों को पठन पाठन के लिए विद्यालय तक का समुचित प्रबंध नहीं है। पंचायत से लेकर ब्लाक तक सरकारी योजनाओं को लेकर लीपापोती की जा रही है। जिससे हम ग्रामीणों में सरकार की वर्तमान व्यवस्था को लेकर असंतोष है। मनरेगा में काम नहीं दिया जा रहा है, मजबूर हो घर के युवा रोजगार के लिए बड़े शहरों में जा रहे हैं।




