Sonbhadra News : 'सीएम-युवा' योजना से युवाओं के सपनों को लगे पंख, 1743 को मिला रोजगार का नया रास्ता
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना (सीएम-युवा) जनपद के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बनती जा रही है। नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय अब युवा खुद का रोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर...

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sonbhadra
6:21 PM, May 16, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• बिना गारंटी और ब्याजमुक्त ऋण से युवा बन रहे आत्मनिर्भर, कई लोगों को भी दे रहे रोजगार
सोनभद्र । मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना (सीएम-युवा) जनपद के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बनती जा रही है। नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय अब युवा खुद का रोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब तक जनपद के 1743 युवाओं को लाभान्वित कर उनके भविष्य को नई दिशा दी गई है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। योजना के तहत युवाओं को बिना किसी गारंटी के शत-प्रतिशत ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1366 युवाओं को योजना का लाभ मिला, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 77 युवा लाभान्वित हो चुके हैं। प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक युवाओं को योजना से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाए।
गृहणी से बनीं सफल उद्यमी -
रॉबर्ट्सगंज निवासी प्रीति दुबे की कहानी इस योजना की सफलता की मिसाल बन चुकी है। कभी गृहणी रहीं प्रीति ने मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत पांच लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण लेकर अपना ब्यूटी पार्लर शुरू किया। आज उनका पार्लर अच्छी आय का जरिया बन चुका है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पार्लर में तीन युवतियों को रोजगार भी दे रखा है।
प्रीति कहती हैं कि इस योजना ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया। पहले जहां वे केवल घर तक सीमित थीं, वहीं अब वे आत्मनिर्भर होकर दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
केतन के रेस्टोरेंट में उमड़ रहे ग्राहक -
रॉबर्ट्सगंज निवासी केतन पांडेय ने भी मुख्यमंत्री युवा योजना का लाभ उठाकर अपना आधुनिक रेस्टोरेंट शुरू किया। नौकरी की तलाश कर रहे केतन ने योजना के माध्यम से ऋण प्राप्त कर व्यवसाय की शुरुआत की और गुणवत्ता, स्वच्छता व ग्राहक संतुष्टि को अपनी प्राथमिकता बनाया। आज उनके रेस्टोरेंट में स्वाद के शौकीनों की भीड़ उमड़ रही है। केतन बताते हैं कि सभी खर्चों के बाद उन्हें हर महीने करीब 20 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है साथ ही उन्होंने अपने प्रतिष्ठान में कई लोगों को रोजगार भी दिया है, जिससे उन्हें आत्मसंतोष मिलता है।




