Sonbhadra News : सीएम की मुफ्त यात्रा की 'सौगात' पर रोडवेज की लापरवाही का ग्रहण, चार घंटे बसों के इंतजार में खड़ी रहीं बहनें
रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की महिलाओं को 72 घंटे की मुफ्त बस यात्रा की सौगात देकर उनके सफर को आसान बनाने का संदेश दिया, लेकिन सोनभद्र रोडवेज डिपो की बदहाल व्यवस्था ने सरकार.....

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7:28 AM, August 28, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की महिलाओं को 72 घंटे की मुफ्त बस यात्रा की सौगात देकर उनके सफर को आसान बनाने का संदेश दिया, लेकिन सोनभद्र रोडवेज डिपो की बदहाल व्यवस्था ने सरकार की इस पहल की जमीनी हकीकत पर ही सवाल खड़े कर दिए। एक तरफ मुख्यमंत्री महिलाओं के साथ बस में सेल्फी लेकर संवेदनशीलता का संदेश देते नजर आए, तो दूसरी ओर सोनभद्र डिपो में भोर तीन बजे से वाराणसी जाने के लिए पहुंची महिलाएं घंटों बस का इंतजार करती रहीं। वहीं रोडवेज की लापरवाही से अजीज आकर एक महिला ने तो डॉयल112 तक को कॉल करके बुला लिया हालाँकि बाद में डॉयल 112 के सिपाही भी बैरंग वापस लौट गए।
रक्षाबंधन के दिन भाई की कलाई पर राखी बांधने की उम्मीद लेकर घर से निकली बहनों के लिए रोडवेज डिपो में घंटों का इंतजार परेशानी और नाराजगी में बदल गया। महिलाओं का कहना था कि सरकार ने मुफ्त यात्रा की घोषणा तो कर दी, लेकिन सोनभद्र रोडवेज डिपो के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस विशेष अवसर के लिए पर्याप्त बसों की व्यवस्था तक नहीं की।
शुभ मुहूर्त में राखी ही नहीं बांध पाए तो किस काम की मुफ्त यात्रा -
डिपो में घंटों से बस की प्रतीक्षा कर रही रॉबर्ट्सगंज निवासी सुमति यादव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वह सुबह तीन बजे से बस के इंतजार में खड़ी हैं, ताकि समय से वाराणसी पहुंचकर अपने भाई को राखी बांध सकें। महिला ने कहा कि रक्षाबंधन का त्योहार पूरे साल में एक बार आता है और राखी बांधने का शुभ मुहूर्त भी निकल जाएगा। ऐसे में अगर रोडवेज की लापरवाही के कारण वह समय पर अपने भाई तक ही नहीं पहुंच सकीं तो सरकार की मुफ्त यात्रा की सौगात का आखिर औचित्य ही क्या रह जाएगा?
रेणुकूट निवासी नीलम पाण्डेय ने रोडवेज कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने महिलाओं के लिए यात्रा मुफ्त कर दी, लेकिन डिपो में बस ही नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर पहले से पता था कि रक्षाबंधन पर महिलाओं की भीड़ बढ़ेगी तो रोडवेज प्रशासन ने अतिरिक्त बसों की व्यवस्था क्यों नहीं की? उनका कहना था कि भोर से खड़े होकर इंतजार करना किसी सौगात से कम नहीं, बल्कि त्योहार के दिन महिलाओं के लिए परेशानी बन गया है।
वहीं रेणुकूट निवासी संगीता शर्मा और बैढ़न निवासी सोनमती केवट ने भी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें घंटों से बस के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राखी बांधने का समय निकल गया तो बाद में बस मिलने का क्या फायदा? सरकार महिलाओं को सम्मान और सुविधा देने की बात कर रही है, लेकिन यहां महिलाएं अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए ही परेशान हैं।
सुबह सात बजे से मिलेगी बस - एआरएम
महिलाओं की परेशानी को लेकर जब एआरएम नन्दलाल से पूछा गया तो उनका कहना था कि सुबह सात बजे से बस उपलब्ध होगी। एआरएम का यह जवाब उन महिलाओं की परेशानी के बीच और भी सवाल खड़े करता नजर आया, जो तीन बजे भोर से डिपो में बस की प्रतीक्षा कर रही थीं।
सवाल यह है कि जब रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त यात्रा की घोषणा पहले से हो चुकी थी और विभाग को यात्रियों की संभावित भीड़ की जानकारी थी, तो सुबह सात बजे से बस चलाने की तैयारी क्यों की गई? क्या अधिकारियों को यह अंदाजा नहीं था कि दूर-दराज से आने वाली महिलाएं शुभ मुहूर्त से पहले अपने भाइयों तक पहुंचना चाहेंगी?




