Sonbhadra News : 170 वर्ष पुराने थाना भवन पर भूमाफियाओं के अवैध कब्जे से नाराज नगरवासियों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
नगर पंचायत घोरावल में वर्ष 1856 में निर्मित थाना भवन पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जे की शिकायत लेकर आज घोरावलवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश कुमार ने नेतृत्व में पूर्व......

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3:29 PM, December 15, 2025
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । नगर पंचायत घोरावल में वर्ष 1856 में निर्मित थाना भवन पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जे की शिकायत लेकर आज घोरावलवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश कुमार ने नेतृत्व में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राकेश कुमार, व्यापार मंडल अध्यक्ष दया शंकर गुप्ता, जिला महासचिव एवं प्रवक्ता कांग्रेस इनामूल हक अंसारी कलेक्ट्रेट पहुंच जिलाधिकारी से मुलाक़ात कर आबादी की जमीन पर निर्मित थाना भवन पर हो रहे अवैध कब्जे को तत्काल प्रभाव से रोके जाने और दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किये जाने की मांग किया है।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल नेतृत्व कर रहे पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि "अंग्रेजी हुकूमत के दौरान वर्ष 1956 में इस भवन में थाना का संचालन किया जा रहा था और 1872 में नगर पंचायत घोरावल का निर्माण किया गया। नगर पंचायत की आबादी की जमीन आराजी नंबर 378मी पर बने भवन पर आजादी के बाद भी थाने का संचालन होता रहा। घोरावल थाने का नए भवन में संचालन शुरू होने के बाद कुछ समय तक यहां तहसील का संचालन हुआ, यहीं नहीं इसके लिए कुछ समय तक पुलिस चौकी संचालित हुई। जमीन में नगर पंचायत की भी हिस्सेदारी होने के कारण देखरेख की जिम्मेदारी नगर पंचायत को सौंप दी गई। लगभग 170 वर्ष तक थाना भवन नगर पंचायत की आबादी पर आबाद रहा लेकिन पिछले कुछ दिनों से कुछ स्थानीय लोगों के सहयोग से कई सफेदपोश लोगों की निगाह इस करोड़ों की जमीन पर लगी है। पिछले तीन दिनों से भूमाफिया दर्जनों हथियार बंद लोगों के सहयोग से नगर के बिचोंबीच बने इस थाना भवन को बुलडोजर की सहायता से जमीनदोज कर बाउंड्री वॉल लगा दिया गया, जबकि शिकायत के बाद भी नगर पंचायत, तहसील प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने जिलाधिकारी से अवैध कब्जे को तत्काल प्रभाव से रोके जाने और दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किये जाने की मांग किया है।"
वहीं इस कब्जे को लेकर स्थानीय नागरिकों में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों का कहना है यदि पुलिस विभाग अपने जमीन को नहीं बचा सकती है तो आम नागरिकों का क्या हाल होगा।




