Sonbhadra news : चोपन श्री रामलीला मंचनः रावण ने किया सीता हरण, विलाप देखकर रो पड़े श्रद्धालु
रामलीला में ईश्वर और जीवन के बीच का भेद सुनाने के दौरान रामलीला में सीता हरण मंचन के दौरान रामविलाप को देखकर दर्शक भी रो पड़े।

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5:59 PM, October 9, 2024
घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)
चोपन सोनभद्र । चोपन बैरियर में चल रही रामलीला में ईश्वर और जीवन के बीच का भेद सुनाने के दौरान रामलीला में सीता हरण मंचन के दौरान रामविलाप को देखकर दर्शक भी रो पड़े। वहीं कल की लीला में सूर्पणखा के नाक-कान काटने के प्रसंग ने लोगों को हंसने पर मजबूर किया। मंच पर खर-दूषण व मारीच वध ने दर्शकों को रोमांचित किया। चोपन बैरियर में चल रही रामलीला में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र पंचवटी पहुंचकर सुंदर सी कुटिया का निर्माण करते हैं, और लक्ष्मण जी को ईश्वर और जीवन के बीच का भेद का वर्णन सुनाते हैं। श्री रामचंद्र, सीता जी को अग्नि में प्रवेश करा देते हैं। खर - दूषण पर भी रामचंद्र ने एक माया का बाण चलाया। उसे एक दूसरे में राम ही राम दिखने लगे जिससे खरदूषण ओर उसके सभी साथी मारे गए। सूर्पणखा रोते हुए रावण के पास पहुंचती है। रावण सूर्पणखा का उपचार कराता है। और मारीच को सोने का मृग बनाकर पंचवटी पहुंचाता है। सीता जी ने उसे देखा तो राम जी से निवेदन किया कितना सुंदर हिरण है, ये मुझे चाहिए। रामचंद्र जी हिरण के पीछे पीछे बहुत दूर तक चले जाते हैं, और रामचंद्र जी एक ही बाण से हिरण को मार देते हैं।मारीच मरते मरते राम जी की आवाज़ में बोलता है। लक्ष्मण रक्षा के लिए दौड़ते हैं। पीछे से रावण ने संत का वेष धारण करके सीता का हरण कर लिया। रामजी लक्ष्मण को आता देखकर चिंता में पड़ जाते हैं। दौड़े-दौड़े कुटिया में जाते हैं। लेकिन कुटिया में सीता नहीं होती हैं।इधर रावण सीता को बचाने आए जटायु के भी पंख काट देता है। लीला देखकर सभी दर्शक भावुक हो जाते हैं। रामलीला में मंगलवार रात को शबरी-राम दर्शन, सुग्रीव मैत्री और बाली वध की लीला का मंचन किया गया। वर्षों से प्रभु के नाम का जाप कर रही शबरी की कुटिया में भगवान राम अपने अनुज भ्राता लक्ष्मण के साथ स्वयं आए तो शबरी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। भाव के भूखे भगवान ने प्रसन्नता के साथ शबरी के हाथों से जूठे बेर खाए। शबरी ने राम को सुग्रीव का पता बताया। शबरी को प्रभु राम मोक्ष की प्राप्ति कराने के बाद आगे बढ़ते हैं और सुग्रीव से उनकी मुलाकात होती है। सुग्रीव भाई वानर राज बाली के उत्पीड़न की व्यथा सुनाते हैं तो प्रभु राम उन्हें आश्वासन देते हैं कि वह बाली का वध कर उसके उत्पीड़न से उन्हें निजात दिलाएंगे।
इस मौके पर मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष उस्मान अली, महानंद पांडे, राजन जयसवाल, बब्बू पांडे, रामलीला अध्यक्ष अजय सिंह, उपाध्यक्ष कामेश्वर विश्वकर्मा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र पांडे, व्यवस्थापक प्रवीण सिंह, महेंद्र केशरी, राकेश मोदनवाल, रामप्रीत गुज़र, कमलेश साहनी, मनमोहन निषाद, श्यामसुंदर साहनी, विनोद साहनी, सुजीत शर्मा, विजय साहनी, रामकुमार सोनी, प्रमोद मोदनवाल सहित अनेक लोग मौजूद रहे।




