Sonbhadra news : चोपन पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के यार्ड प्रभारी और कंपनी एजेंट के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज कर की जांच शुरू
कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई चोपन थाना द्वारा की गई।


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कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई चोपन थाना द्वारा की गई।

घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)
चोपन सोनभद्र । जिला अपने खनन को लेकर विख्यात है और अधिकांश लोग खनन के व्यवसाय से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े होते है। लेकिन कुछ का व्यवसाय फल फूल जाता है तो कुछ व्यवसाय को बढ़ाने के लिए ऋण के मकड़जाल में फस कर छोटे व्यवसायी बरबाद हो जाते है। अगर आप फाइनेंस कंपनी से ऋण लिए है तो आपको हर निर्धारित समय पर क़िस्त अदायगी के साथ कर्मचारियों पर भी पैनी नज़र बनाये रखने की ज़रूरत है। ताज़ा मामला चोपन थाना क्षेत्र का सामने आया है जहां चोपन पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के संबंधित यार्ड प्रभारी और कंपनी के एजेंट के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि कई बार वादी नागेंद्र यादव द्वारा शिकायत करने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया और न ही मुकदमा दर्ज हुआ। एडवोकेट शक्ति सैन ने पीड़ित की हर संभव मदद की और शक्ति सैन के पहल पर ही कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई चोपन थाना द्वारा की गई। बता दे कि वादी नागेंद्र यादव पुत्र मुन्ना यादव निवासी पकरिहवा सलखन चोपन थाना ने दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि 9 अप्रैल 2021 को उसने टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड से UP 64 BT 1546 नंबर की टिपर खरीदा था। इसके लिए उसने 15 लाख फाइनेंस कराया था और 47 महीने की किस्त 47159 रुपये तय हुई थी। लेकिन वर्ष 2023 में मां को ब्रेन हेमरेज हो जाने की वजह से कुछ महीने की किस्त टूट गई थी। जिस वजह से क़िस्त की अदायगी न होने पर फाइनेंस कंपनी के एजेंटों और सिपाहियों ने 20 अक्टूबर 2023 को जबरन उसका वाहन ले जाकर रॉबर्ट्सगंज यार्ड में खड़ा कर दिया। जब उसने फाइनेंस कंपनी में जाकर मामले की जानकारी ली तो यार्ड इंचार्ज मृदुल मिश्रा ने बताया कि वाहन से संबंधित बकाया धनराशि 1,89,500 रुपये है। इसलिए ऐसा करना पड़ा। तब पीड़ित ने बकाया धनराशि एक लाख रुपये नकद टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड कंपनी के एजेंट आकाश मिश्रा के पास जमा कर दी तथा शेष धनराशि फाइनेंस कंपनी के लोन खाते में जमा कर दी। दिसंबर माह में टाटा मोटर्स प्रबंधक प्रयागराज ने शपथ पत्र लिया कि वह उक्त वाहन की किस्त प्रतिमाह जमा करेंगे। इसपर वाहन छोड़ने का ऑर्डर दे दिया गया। लेकिन आरोप है कि इसी बीच टाटा मोटर्स के मृदुल मिश्रा, आकाश मिश्रा व अज्ञात लोगों ने उसे बिना सूचना दिए साजिश के तहत उक्त वाहन को एसएस मोटर्स के मालिक रविंद्र कुमार सिंह व रविंद्र कुमार सिंह निवासी सोनभद्र, राजाबाबू सिंह पुत्र दिलीप सिंह निवासी ममुआ, थाना रॉबर्ट्सगंज को बेच दिया। पीड़ित का दावा है कि फाइनेंस की गई 15 लाख की रकम के एवज में वह अब तक वाहन पर 14 लाख खर्च कर चुका है। वही चोपन पुलिस द्वारा मृदुल मिश्रा व आकाश मिश्रा के खिलाफ धारा 406 व 420 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
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