इसके पश्चात् अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 प्रेमनाथ ने उक्त थीम पर छात्र छात्राओ को जलवायु परिवर्तन के कारणों पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरणीय प्रदूषण उत्पन्न करने वाले कारखानो की फ्लाई ऐश, विकास के नाम पर वनो की अन्धाधुन्ध कटाई, एसी इत्यादि आरामदायक मशीनों के अनियंत्रित प्रयोग पर नियंत्रण रखते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने प्लास्टिक का प्रयोग न करने, नदियों के जल को प्रदूषण मुक्त रखते हुए उनमें किसी भी प्रकार का कचरा न डालने, एवं वायु मण्डल में कम से कम मात्रा में कार्बन का उत्सर्जन करने वाले, ओजोन परत को और अधिक क्षति ना पहुंचाने पर बल दिया जाये। उन्होंने आगे बताया कि जनपद सोनभद्र औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां प्रदूषण भी अधिक है, जिससे वायु प्रदूषित हो रहा है। जिसका प्रभाव मानव पर अधिक पड़ रहा है। वायु प्रदूषण के कारण सांस के रूप में लेने वाली बीमारियों जैसे कि दमा, खांसी, फेफडो का कैसर, हृदय रोग, श्वांस नली में इन्फेक्शन, उच्च रक्तचाप इत्यादि बीमारियां बढ़ रही है।