Sonbhadra News : पोकलेन बेचने के नाम पर ₹17.50 लाख की ठगी, पांच पर FIR दर्ज
टाटा हिताची एक्स-100 सुपर सिक्स (पोकलेन) मशीन बेचने के नाम पर 17.50 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में जुगैल थाना पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आंध्र प्रदेश के......

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sonbhadra
11:41 PM, May 24, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• व्हाट्सएप पर भेजी मशीन की तस्वीरें, प्रयागराज में कराया एग्रीमेंट, फिर मोबाइल बंद कर फरार हुए आरोपी
सोनभद्र । टाटा हिताची एक्स-100 सुपर सिक्स (पोकलेन) मशीन बेचने के नाम पर 17.50 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में जुगैल थाना पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आंध्र प्रदेश के राजामुंदरी निवासी सैयाधुला वेंकटेश की शिकायत पर दर्ज इस मामले में पुलिस बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल कॉल डिटेल और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
पीड़ित वेंकटेश ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय सतर्कता आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सहित कई उच्च अधिकारियों को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि वर्ष 2020 मॉडल की टाटा हिताची मशीन बेचने के नाम पर उनके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई।
शिकायतकर्ता वेंकटेश के अनुसार, सबसे पहले शेख मोहम्मद जानी नामक व्यक्ति ने व्हाट्सएप के माध्यम से टाटा हिताची मशीन की तस्वीरें भेजीं और मशीन खरीदने की बातचीत शुरू कराई। इसके बाद पीड़ित की बात मथुरा निवासी चतर सिंह से कराई गई। चतर सिंह ने खुद को मशीन का मालिक बताते हुए भरोसा दिलाया कि मशीन पूरी तरह वैध है और उसके पास सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं। वह 6 अप्रैल 2026 को वाराणसी पहुंचे, जहां से बस द्वारा सोनभद्र आए। यहां राहुल नामक युवक उनसे मिला, जिसने खुद को चतर सिंह का प्रतिनिधि और सुपरवाइजर बताया। राहुल उन्हें मशीन दिखाने ले गया और सौदे को पूरी तरह सुरक्षित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में चतर सिंह ने उन्हें प्रयागराज बुलाया, जहां जिला न्यायालय परिसर में नोटरी अधिवक्ता एस0पी0 त्रिपाठी के माध्यम से एग्रीमेंट कराया गया। शिकायत में स्टांप विक्रेता सत्यराम पाल का भी उल्लेख किया गया है। बताया गया कि मशीन की कीमत पहले 22 लाख रुपये बताई गई थी, लेकिन बाद में 21 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने अलग-अलग खातों में कुल 17.50 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। रकम लेने के बाद 15 अप्रैल 2026 से चतर सिंह का मोबाइल फोन बंद हो गया और उससे संपर्क पूरी तरह टूट गया। बाद में जब दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया गया तो कोई जवाब नहीं मिला।
पीड़ित ने बताया कि बाद में शेख मोहम्मद जानी ने मशीन ऑपरेटर के माध्यम से अजीत सिंह और नरेंद्र नामक व्यक्तियों की जानकारी दी, जिन्हें चतर सिंह का भाई बताया गया। हालांकि बातचीत के दौरान उन्होंने किसी भी प्रकार के मशीन सौदे और रकम लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित को एहसास हुआ कि उसके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई है। जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति, पीएमओ सहित अन्य उच्च संस्थानों पर पत्र भेज दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की थी।
वहीं जुगैल थाना प्रभारी शिव प्रताप वर्मा ने बताया कि "शिकायत के आधार पर मुख्य रूप से चतर सिंह, राहुल, शेख मोहम्मद जानी, सत्यराम पाल एवं एसपी त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।"




