Sonbhadra News : सीएमओ के निरीक्षण में सीएचसी चोपन की खुली पोल, सफाई देते नजर आए सीएमओ
शुक्रवार को सीएमओ ने चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया तो व्यवस्था की पोल खुल गयी । सीएमओ ने माना कि अस्पताल में खामियां पायी गयी है ।

सीएचसी चोपन का निरीक्षण करते सीएमओ अश्वनी कुमार
sonbhadra
7:05 PM, May 2, 2025
शान्तनु कुमार/घनश्याम पांडेय
★ एक तरफ सरकारी अस्पताल में बेहतर सुविधा मुहैया करने का दावा, दूसरी तरफ धड़ल्ले से खुल रहे हैं अवैध नर्सिंगहोम व पैथालॉजी
चोपन (सोनभद्र) । शुक्रवार को सीएमओ ने चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया तो व्यवस्था की पोल खुल गयी । सीएमओ ने माना कि अस्पताल में खामियां पायी गयी है, जिसके लिए अधीक्षक को सब कुछ दुरुस्त करने की हिदायत दिया गया है ।
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सीएमओ ने कहा कि निरीक्षण समय-समय पर होता रहता है । निरीक्षण के दौरान अस्पताल में गंदगी पाया गया है, जिसके लिए अधीक्षक को कहा गया है । उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पताल में स्वच्छता और नियमों के पालन में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी । चोपन में धड़ल्ले से चल रहे अवैध अस्पताल व पैथालॉजी को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएमओ ने बताया कि अब रजिस्ट्रेशन 5 साल के लिए होगा, और उसी हिसाब से मानकों को पूरा करना होगा । यदि उसके बाद किसी अस्पताल में कमी पाई जाती है तो सीधा उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा ।
वहीं अल्ट्रासाउंड मशीन होने के वावजूद मरीजों को भटकना पड़ रहा है, इसके जबाब में बोला कि इसका प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा जा चुका है। जैसे ही अल्ट्रासाउंड के लिए डॉक्टर की तैनाती होती है, मशीन को तत्काल चालू करा दिया जाएगा।साथ ही आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन को लेकर भी सीएमओ ने बताया कि शासन स्तर पर पत्राचार किया जा चुका है और शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर सरकारी अस्पतालों में खामियां मिलना कोई नया नहीं है लेकिन शायद यही कारण है कि हाल के दिनों में मंत्री संजीव गोंड़ ने खुद सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था व डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया था । यहां बड़ा सवाल यह है कि एक तरह सीएमओ सरकारी व्यवस्था को दुरुस्त करने का दावा कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ जिले में धड़ल्ले से अवैध नर्सिंग होम व पैथालॉजी चल रहे हैं । ऐसे में सवाल यह उठता कि यदि सरकारी अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तो वे प्राइवेट अस्पताल की तरफ रुख क्यों करेंगे । सीएमओ को खोखला दावा व बयानबाजी करने के बजाय इस दिशा में गंभीरता से सोचने की जरूरत है ।




