Sonbhadra News : आज से शुरू होगा चैत्र नवरात्र, बाजारों में रही चहल-पहल
चैत्र नवरात्र हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की नौ दिनों तक पूजा-अर्चना की जाती है। यह व्रत, उपासना और आत्म शुद्धि का समय होता है, जहां भक्त सुख-समृद्धि, शांति और.....

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11:49 PM, March 18, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । चैत्र नवरात्र हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की नौ दिनों तक पूजा-अर्चना की जाती है। यह व्रत, उपासना और आत्म शुद्धि का समय होता है, जहां भक्त सुख-समृद्धि, शांति और विजय की कामना करते हैं। शहर समेत जिले भर में गुरुवार से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र को लेकर बुधवार को तैयारियां की गयीं। घरों से लेकर मंदिरों में माता के दरबार को सजाया गया। नवरात्र को लेकर मां के भक्तों में खासा उत्साह है। बाजारों में काफी चहल-पहल रही। बाजारों में नवरात्र पर मां दुर्गा के पूजन में प्रयोग होने वाली सामग्री की दुकानें सजी थीं।
दुकानों पर खरीदारों की रही भीड़ -
पूजा के लिए देवी मंदिर में साफ-सफाई और घरों में कलश स्थापना के लिए श्रद्धालुओं द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मालूम हो कि नवरात्र के साथ चैती छठ और रामनवमी भी मनाई जाएगी। इस नवरात्र में कई पर्व-त्योहार होने पर बाजार में चहल-पहल अधिक है। नवरात्र की तैयारी में फल-फूल और पूजा के सामानों की जमकर खरीदारी हुई।
बाजारों में रही उमड़ी भीड़ -
नवरात्र में माता के मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। आज गुरुवार को मां के प्रथम रूप शैलपुत्री की पूजा होगी। शहर के शीतला मंदिर, सातों देवी शीतला मंदिर और दक्षिणेश्वर काली मंदिर में भक्तों की भीड़ पूरे नौ दिन उमड़ती है। आज से चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी चैत्र नवरात्र शुरू हो रहा है। इसी दिन से हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी मानी जाती है।
पालकी में आएंगी माता रानी -
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी के आगमन का वाहन उस दिन के आधार पर तय होता है, जिस दिन नवरात्रि शुरू होती है। चूंकि इस बार नवरात्रि गुरुवार से शुरू हो रही है, इसलिए देवी दुर्गा का आगमन पालकी या डोली पर होगा। देवी पुराण के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि पालकी में देवी का आगमन शुभ नहीं होता। यह समाज और प्रकृति में कुछ बदलावों या उथल-पुथल का संकेत देता है। इस बात का भी संकेत है कि देश में आर्थिक मंदी आ सकती है। प्रकृति के रुष्ट होने की संभावना है, जिससे बड़ी आपदाएं आ सकती हैं। यह भी माना जाता है कि माता का डोली पर आगमन देश और दुनिया में महामारी के बढ़ने का संकेत है। मां की विदाई हाथी पर होगी नवरात्रि 27 मार्च को समाप्त होगी। चूंकि उस दिन शुक्रवार है, इसलिए यह माना जाता है कि देवी दुर्गा की विदाई हाथी पर होगी। धार्मिक परंपराओं में हाथी समृद्धि, स्थिरता और खुशी का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि इससे अच्छी बारिश होगी, कृषि में लाभ होगा और आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। 27 मार्च तक चलेगी नवरात्रि चैत्र नवरात्रि 19 मार्च, दिन गुरुवार से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगी। इस बार चैत्र नवरात्रि पर मां दुर्गा का आगमन डोली (पालकी) पर हो रहा है, जो कुछ चुनौतियों का प्रतीक माना जाता है। पंडित श्री भगवान शास्त्री के अनुसार ऐसे में व्रत रखने वाले भक्तों को नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
चैत्र नवरात्रि 2026 की तिथि और अवधि -
पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026 को सुबह 6:52 बजे शुरू होगी और 20 मार्च को सुबह 4:52 बजे समाप्त होगी। उदय तिथि के आधार पर नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च को घटस्थापना के साथ होगी। यह पर्व नौ दिनों तक चलेगा और 27 मार्च को रामनवमी के साथ समाप्त होगा। इस दौरान भक्त पूरे नौ दिन व्रत रखकर मां दुर्गा की आराधना करेंगे। घटस्थापना के शुभ मुहूर्त घटस्थापना नवरात्रि का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। 19 मार्च 2026 को घटस्थापना का मुख्य शुभ मुहूर्त सुबह 6:52 बजे से 10:10 बजे तक रहेगा। यदि इस समय घटस्थापना न हो पाए तो अभिजीत मुहूर्त में भी किया जा सकता है, जो दोपहर 11:47 बजे से 12:36 बजे तक उपलब्ध रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और पूरे नौ दिन सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।



