Sonbhadra News : कैसे एक संविदाकर्मी बन गया अधिकारियों का कारखास, करने लगा बड़े-बड़े डील, पढ़ें पूरी खबर
बुधवार का दिन स्वास्थ्य विभाग के लिए मनहूस रहा। जहां सीएमओ ऑफिस में तैनात फर्मासिस्ट ने स्वास्थ्य मंत्री पर अभद्र टिप्पणी कर दिया वहीं एक संविदाकर्मी घूस लेने के चक्कर में एंटी करप्शन के हत्थे चढ़ गया

sonbhadra
9:39 PM, March 18, 2026
शांतनु कुमार
सोनभद्र। बुधवार का दिन स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ा मनहूस रहा। सीएमओ ऑफिस में तैनात फर्मासिस्ट मनोज राठौर ने स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कम्प मचा दिया। जिसके बाद फर्मासिस्ट मनोज राठौर के मामले में सीएमओ ने आनन-फानन में पूरे मामले पर जांच बिठा दी तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही का भरोसा दिलाया।
अभी फर्मासिस्ट का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि दोपहर सीएमओ ऑफिस में ही डाटा एंट्री के पद पर तैनात संविदा कर्मी चंचल यादव को एंटी करप्शन की टीम ने ₹50000 घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया और आरोपी चंचल यादव को लेकर सीधे कोतवाली पहुंच गई तथा मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुड़ गई । इस घटना के बाद तो पूरे स्वास्थ्य विभाग सहित जिले में में हड़कंप मच गया।
चर्चा है कि संविदा कर्मी चंचल यादव लंबे समय से सीएमओ ऑफिस में डाटा एंट्री के पद पर तैनात है । लेकिन वह अपने प्रभाव के कारण अक्सर झोलाछाप डॉक्टरों की चेकिंग टीम का हिस्सा बनकर जाया करता था। और अपनी जगह किसी दूसरे से काम करवाता था।आज भले ही स्वास्थ्य विभाग संविदाकर्मी की करतूत पर चुप्पी साधे बैठा है लेकिन चंचल यादव को यहाँ तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ही सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। आखिर एक डाटा एंट्री करने वाला संविदाकर्मी अल्ट्रासाउंड सेंटर के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे जारी करा सकता है, इसका मतलब साफ है कि चंचल यादव अधिकारियों के लिए कारखास का काम करता था।
इसके पहले भी चंचल यादव का नाम झोलाछाप डॉक्टरों के यहाँ छापेमारी के दौरान कई बार चर्चा में आ चुकाहै, जहाँ वह झोलाछाप डॉक्टरों से बेहद बत्तमीजी से बात करना और बाद में डील भी यही करता था। लेकिन आखिरकार वह आज एंटी करप्शन टीम की जाल में फंस गया और कार्यवाही की जद में आ गया।
चंचल यादव की गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य विभाग में कई डॉक्टरों व अधिकारियों की हवाईयां उड़ी हुई है। उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि पूछताछ में चंचल यादव किस-किस का नाम लेता है। हालांकि फंसने के बाद चंचल यादव को इतना ज्ञान जरूर हो गया होगा कि जिन लोगों के लिए वह इतने दिनों तक काम करता रहा और उनके इशारों पर लोगों को परेशान करता रहा, मुसीबत में स्वास्थ्य विभाग का कोई भी कर्मी झांकने तक नहीं आया।



