Sonbhadra News : 12 साल का जश्न या जनता के जख्मों पर नमक? कांग्रेस का सरकार पर हमला
केंद्र सरकार जहां अपने 12 वर्षों के कार्यकाल को "12 साल बेमिसाल" बताकर उपलब्धियों का उत्सव मना रही है, वहीं सोनभद्र में कांग्रेस ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए भाजपा सरकार और उसके.........

कांग्रेस पदाधिकारी....
sonbhadra
12:34 PM, June 17, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । केंद्र सरकार जहां अपने 12 वर्षों के कार्यकाल को "12 साल बेमिसाल" बताकर उपलब्धियों का उत्सव मना रही है, वहीं सोनभद्र में कांग्रेस ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए भाजपा सरकार और उसके जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोला है। जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में नेताओं ने आरोप लगाया कि यह 12 साल जनता के लिए नहीं, बल्कि सत्ता से जुड़े लोगों, उनके करीबी कारोबारियों और कॉरपोरेट घरानों के लिए बेमिसाल रहे हैं, जबकि आम जनता महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामराज सिंह गोंड ने कहा कि "भाजपा का 12 वर्षीय शासन सोनभद्र के इतिहास का सबसे काला दौर साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनिज संपदा से समृद्ध जिले में खनन माफिया खुलेआम सक्रिय हैं और स्थानीय जनता अपने ही संसाधनों को महंगे दामों पर खरीदने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि सरकार और उसके मंत्री कॉरपोरेट हितों की रक्षा में लगे हैं, जबकि गरीब, किसान और आदिवासी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।"
आदिवासियों की जमीन पर डाका, कॉरपोरेट को फायदा -
रामराज सिंह गोंड ने नगवां क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण और जंगलों की कटाई का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि आदिवासियों की जल, जंगल और जमीन पर कॉरपोरेट घरानों की नजर है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां आदिवासियों को उनकी पुश्तैनी जमीन से बेदखल करने का काम कर रही हैं। कांग्रेस ने साफ कहा कि आदिवासियों के अधिकारों पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ऊर्जांचल देश को रोशन कर रहा, खुद अंधेरे में जी रहा सोनभद्र -
पूर्व शहर अध्यक्ष राजीव त्रिपाठी ने बिजली संकट को लेकर भी सरकार को घेरा। उनका कहना था कि जिस जिले की बिजली परियोजनाएं पूरे देश को ऊर्जा देती हैं, उसी जिले की जनता अघोषित कटौती और भारी बिजली बिलों की मार झेल रही है। कांग्रेस ने स्थानीय लोगों को मुफ्त या रियायती दरों पर बिजली देने की मांग उठाई।
12 साल बेमिसाल नहीं, जनप्रतिनिधियों के लिए मालामाल -
शहर अध्यक्ष हाजी फरीद अहमद ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के लिए यह 12 साल बेमिसाल जरूर रहे हैं, लेकिन जनता के लिए नहीं बल्कि सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों और उनके करीबियों के लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन वर्षों में सोनभद्र में आदिवासियों और गरीबों की जमीनों पर बड़े पैमाने पर कब्जे हुए, जबकि प्रशासन और जनप्रतिनिधि मूकदर्शक बने रहे। उन्होंने कहा कि जिले में स्थापित बड़े-बड़े उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। बाहरी लोग और सत्ता से जुड़े लोग लाभ उठा रहे हैं, जबकि यहां का शिक्षित नौजवान रोजगार के लिए भटकने को मजबूर है। उन्होंने सभी सरकारी और निजी उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 80 प्रतिशत रोजगार की कानूनी गारंटी देने की मांग की।
किसान बेहाल, मंत्री मालामाल -
पूर्व शहर अध्यक्ष राजीव त्रिपाठी ने कहा कि "सोनभद्र का किसान सिंचाई के पानी के लिए तरस रहा है और कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंचाई योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं। कांग्रेस ने किसानों का कृषि ऋण माफ करने और सिंचाई के लिए मुफ्त पानी उपलब्ध कराने की मांग उठाई।"
'ईंट से ईंट बजाने' की चेतावनी -
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आदिवासियों की जमीनों पर कब्जे, बेरोजगारी, बिजली संकट और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड ने कहा कि जरूरत पड़ने पर मंत्रियों के आवासों का घेराव, चक्का जाम और जनआंदोलन किए जाएंगे।
सरकार के जश्न पर कांग्रेस का सवाल -
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब जनता महंगाई, बेरोजगारी, बिजली संकट और जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रही है, तब सरकार आखिर किस उपलब्धि का जश्न मना रही है? कांग्रेस नेताओं का कहना है कि "12 साल बेमिसाल" का नारा जमीनी सच्चाई से कोसों दूर है और अब जनता जवाब मांग रही है।




