Sonbhadra News : पूर्व विधायक ने नगर पालिका प्रशासन पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने भाजपा सरकार और नगर पालिका प्रशासन पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोला है।

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10:11 PM, September 23, 2026
शांतनु कुमार
सोनभद्र । नगर पालिका द्वारा हाइडिल फील्ड से लेकर कांशीराम आवास तक बनाई गई 2 फीट ऊंची नाली को लेकर सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने भाजपा सरकार और नगर पालिका प्रशासन पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोला है।
पूर्व विधायक ने स्थलीय निरीक्षण के बाद प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि कुछ महीनों पहले नगर पालिका द्वारा चौड़ी सड़क के किनारे सड़क से लगभग 2 फीट ऊंची नाली का निर्माण करा दिया गया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं है कि इस नाली के पानी की निकासी कैसे होगी।
पूर्व विधायक ने पूछा - क्या रोड पर सूखने के लिए छोड़ा जाएगा पानी
भाजपा सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए अविनाश कुशवाहा ने कहा कि - "भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन को इतनी भी सूझ नहीं है कि अगर नाली का पानी सड़क पर बहाया जाएगा, तो क्या वह सड़क पर ही सूखने के लिए छोड़ा जाएगा? समझ नहीं आता कि ऐसी हवाई नाली बनाने के पीछे इनकी मंशा क्या है?"
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी ड्रेनेज प्लान और तकनीकी सर्वे के 2 फीट ऊंची नाली खड़ी करके जनता के पैसे की खुली बर्बादी की गई है और जमकर भ्रष्टाचार किया गया है, साथ ही पटरी को भी बर्बाद कर दिया गया है।
पूर्व विधायक ने कहा कि जहाँ रोज़ सैकड़ों की संख्या में आम नागरिक तथा राजस्व अधिकारी आवाजाही करते हैं, वहाँ नगर पालिका की इस घोर लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों की निगाह क्यों नहीं पड़ती। न केवल जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो रही है, बल्कि 2 फीट ऊंची नाली के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि ‘विकास’ का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा सरकार में अफसरशाही और भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि निर्माण के महीनों बाद भी किसी को जल निकासी की फिक्र नहीं है, और बिना परीक्षण के भुगतान भी हो गया, जनता के टैक्स के लाखों रुपये बर्बाद कर दिए गए।
*मांग:*
1. हाइडिल फील्ड से कांशीराम आवास तक नगर पालिका द्वारा निर्मित इस 2 फीट ऊंची नाली के डिजाइन और निर्माण की तत्काल उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो।
2. जल निकासी की समुचित वैज्ञानिक व्यवस्था करते हुए नाली का स्तर सड़क के समतल किया जाए।
3. इस भ्रष्टाचार की ठोस विभागीय जांच की जाए।




