Sonbhadra news : जुगैल में BSNL टावर बेकाम, नेटवर्क से जूझ रहे ग्रामीण
जुगैल ग्राम पंचायत में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीण इस समस्या से अत्यधिक परेशान हैं,

sonbhadra
7:38 PM, November 14, 2025
घनश्याम पांडेय/रविन्द्र नाथ पाठक (संवाददाता)
- मंत्री संजीव गोंड ने किया था उद्घाटन, आश्वासन के बाद भी समस्या बरकरार
जुगैल। सोनभद्र जिले के ओबरा विधानसभा क्षेत्र के जुगैल ग्राम पंचायत में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीण इस समस्या से अत्यधिक परेशान हैं, जिससे उनके दैनिक जीवन और आपातकालीन सेवाओं पर असर पड़ रहा है। एम्बुलेंस से सम्पर्क स्थापित करने पर कई बार घंटों इंतजार के बाद भी संपर्क स्थापित नहीं हो पाता, जिससे गंभीर परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। जुगैल क्षेत्र की लगभग 70,000 की आबादी नेटवर्क समस्या से प्रभावित है। इससे सीएचसी सेंटर में पैसे निकालने, स्कूली बच्चों के ऑनलाइन काम और अन्य डिजिटल कार्यों में बाधा आ रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सोनभद्र दौरे के दौरान जनप्रतिनिधि इस मुद्दे को उनके सामने उठाएंगे, ताकि उनकी समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
इस बीएसएनएल टावर का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड ने किया था। उद्घाटन के समय मंत्री ने 15 दिन से एक महीने के भीतर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार, स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बीएसएनएल का टावर होने के बावजूद मोबाइल में नेटवर्क नहीं आता है। आपात स्थिति में, जैसे एम्बुलेंस बुलाने के लिए, उन्हें नेटवर्क खोजने के लिए पहाड़ियों पर चढ़ना पड़ता है। इससे पहले, क्षेत्र में रिलायंस का एक टावर लगाया गया था जो कभी चालू नहीं हुआ। नेटवर्क की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव के दौरान 'नेटवर्क नहीं तो वोट नहीं' का नारा देते हुए मतदान का बहिष्कार भी किया था। इस विरोध के बाद जिले के आला अधिकारियों ने जुगैल का दौरा किया और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, जिसके बाद बीएसएनएल का टावर लगाया गया। हालांकि, नेटवर्क की समस्या अभी भी बनी हुई है।
लाल चन्द बागी, स्थानीय निवासी।
बिहार के रहने वाले बहादुर शाह आजाद ने क्षेत्र में गंभीर नेटवर्क समस्या उजागर की है। वे धान काटने के लिए मजदूर लेने आए थे, लेकिन यहां उन्हें अपने घर और बाहरी दुनिया से संपर्क साधने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। आजाद ने बताया कि क्षेत्र में किसी भी मोबाइल कंपनी का नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। इसके साथ ही बिजली की समस्या भी बनी हुई है, जिसके कारण मोबाइल फोन चार्ज करना भी मुश्किल हो जाता है। बिहार के रहवासी ने कहा यह समस्या प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है। उनका कहना है कि वे पिछले लगभग 10 वर्षों से इस नेटवर्क समस्या से जूझ रहे हैं। बहादुर शाह आजाद ने बताया कि 10 वर्षों से गांव में आ रहे है क्षेत्र में अन्य विकास कार्य हुए हैं, लेकिन नेटवर्क की बुनियादी सुविधा अभी भी नदारद है। नेटवर्क न होने के कारण उन्हें कई महत्वपूर्ण कार्यों में असुविधा होती है और दैनिक जीवन प्रभावित होता है।




