Sonbhadra News : पेपर लीक और सोनम वांगचुक प्रकरण में सोनांचल में उबाल, विभिन्न संगठनों ने स्वर्ण जयंती चौक पर प्रदर्शन कर माँगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक मामलों और पर्यावरणविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के विरोध में आज सोनभद्र में छात्र-युवा संगठनों का गुस्सा...

स्वर्ण जयंती चौक पर प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और छात्र........
sonbhadra
4:19 PM, July 20, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक मामलों और पर्यावरणविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के विरोध में आज सोनभद्र में छात्र-युवा संगठनों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आम आदमी पार्टी, भीम आर्मी, वामदलों और विभिन्न छात्र-युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने स्वर्ण जयंती चौक पर प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद जुलूस निकालते हुए सभी तहसील पहुंचे और उपजिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां और पोस्टर थे, जिन पर "पेपर लीक बंद करो", "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो", "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" जैसे नारे लिखे थे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाली कथित परीक्षा अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है और मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भरोसा पूरी व्यवस्था से उठता जा रहा है।
सभा को संबोधित करते हुए आप जिलाध्यक्ष रमेश गौतम, नीरज पाण्डेय, आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष रविकांत तथा अधिवक्ता समृद्धि कुशवाहा ने कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय नहीं बनाया गया तो देश के युवाओं का लोकतांत्रिक संस्थाओं से विश्वास खत्म हो जाएगा। उन्होंने कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने सोनम वांगचुक के साथ हुए व्यवहार पर भी नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने वाले लोगों के साथ इस तरह की कार्यवाही लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि सोनम वांगचुक का समुचित उपचार कराया जाए और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए उनकी सोच को महत्व दिया जाए। कुछ वक्ताओं ने उन्हें देश का अगला शिक्षा मंत्री बनाए जाने की भी मांग की।
इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं व छात्र मौजूद रहे।




