Sonbhadra News : भरत तिवारी के एनकाउंटर पर सोनांचल में उबाल, युवाओं ने कैंडल मार्च निकाल की न्याय की माँग
बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी की पुलिस कार्रवाई में हुई मौत को लेकर सोनभद्र में भी जनाक्रोश फूट पड़ा। मंगलवार की शाम रॉबर्ट्सगंज नगर के रामलीला मैदान में सैकड़ों युवाओं और सामाजिक संगठनों ने........

भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकालते युवा.....
sonbhadra
7:36 PM, June 30, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी की पुलिस कार्रवाई में हुई मौत को लेकर सोनभद्र में भी जनाक्रोश फूट पड़ा। मंगलवार की शाम रॉबर्ट्सगंज नगर के रामलीला मैदान में सैकड़ों युवाओं ने टोनी पांडेय के नेतृत्व में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर स्वर्ण जयंती चौक तक कैंडल मार्च निकाला। हाथों में मोमबत्तियां और न्याय की मांग से जुड़े संदेश लिए लोगों ने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। सभा के दौरान वक्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और आम नागरिक की आवाज पर गंभीर हमला बताते हुए कहा कि यदि सच बोलने वालों की आवाज इसी तरह दबाई जाती रही तो जनता सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने को मजबूर होगी।
श्रद्धांजलि सभा में व्यवस्था पर उठे सवाल -
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भरत तिवारी गरीब, शोषित और वंचित वर्ग की आवाज उठाते थे। यदि किसी व्यक्ति को जनहित के मुद्दे उठाने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़े, तो यह पूरे लोकतांत्रिक ढांचे के लिए गंभीर चिंता का विषय है। लोगों ने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जवाबदेही तय की जाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।
युवाओं का फूटा गुस्सा, न्याय की मांग हुई तेज -
कार्यक्रम में युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। युवाओं ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज को बलपूर्वक दबाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।
यदि आवाज उठाने वालों को कुचला जाएगा तो कैसे बचेगा लोकतंत्र -
अशोक दुबे ने कहा कि "भरत तिवारी की मौत केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। उन्होंने कहा कि यदि गरीबों और वंचितों के हक की लड़ाई लड़ने वालों को इस तरह निशाना बनाया जाएगा तो लोकतंत्र का मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। उन्होंने मांग की कि मामले की न्यायिक जांच कर दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।"
सत्ता के दम पर सच को दबाने की हर कोशिश का होगा विरोध -
धीरज पाण्डेय ने कहा कि "लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाने का कोई अधिकार किसी को नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर अधिकारों का दुरुपयोग हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों को बचाने का प्रयास किया गया तो युवा चुप नहीं बैठेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।"
दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो और तेज होगा आंदोलन -
अभिषेक चौबे ने कहा कि "भरत तिवारी की मौत ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है। यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के कटघरे में नहीं लाया गया तो जनता का आक्रोश और बढ़ेगा तथा आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।"
न्याय मिलने तक नहीं रुकेगा संघर्ष -
मन्नू पाण्डेय ने कहा कि "यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इसे कोई ताकत दबा नहीं सकती।"
इस अवसर पर अमीश पांडेय, नितीश पाण्डेय, अनुपम त्रिपाठी, अमित पाठक, हिरन यादव, मनीष सिंह, आशीष पाण्डेय, शशिकान्त पाण्डेय, अनुज पाण्डेय, विनीत पाण्डेय, राजनारायण तिवारी, सुधाकर पाण्डेय, अरविन्द पाण्डेय, संजना पटेल, पूजा पाण्डेय, आरती पटेल, वरुण त्रिपाठी, ऋतूल चौबे, अनुराग पाण्डेय, विनय मौर्य, अभिषेक मिश्रा, सत्यम पाण्डेय, राजा पाण्डेय, रोहित मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।




