Sonbhadra News : कारगिल विजय दिवस पर भाजपा ने किया पूर्व सैनिकों का सम्मान
आज भारतीय जनता पार्टी द्वारा कारगील विजय दिवस के अवसर पर जय मां भगवती महाविद्यालय के प्रांगण में पूर्व सैनिक सम्मान व संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश मंत्री अनामिका......

पूर्व सैनिकों को सम्मानित करती प्रदेश मंत्री अनामिका चौधरी व अन्य.....
sonbhadra
7:36 PM, July 26, 2025
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आज भारतीय जनता पार्टी द्वारा कारगील विजय दिवस के अवसर पर जय मां भगवती महाविद्यालय के प्रांगण में पूर्व सैनिक सम्मान व संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश मंत्री भाजपा अनामिका चौधरी मौजूद रही। संगोष्ठी का शुभारंम्भ पं0 दीनदयाल उपाध्याय व डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर मुख्यअतिथि अनामिका चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता, सदर विधायक भूपेश चौबे, नगर पालिका चेयरमैन रुबी प्रसाद ने पुष्प अर्पित कर किया। संगोष्ठी का अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता व संचालन जिला संयोजक कमलेश चौबे ने किया।
इस दौरान पूर्व सैनिक कैप्टन वी0के0 मिश्रा, लान्स नायक रामश्रृंगार, हवलदार के0के0 गिरी, सुबेदार मानिकचन्द्र, सिपाही धर्मवीर सिंह, सदानन्द यादव का मुख्य अतिथि अनामिका चौधरी व भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता ने अंगवस्त्र व माल्यार्पण कर सम्मान किया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रदेश मंत्री भाजपा अनामिका चौधरी ने कहा कि "26 जुलाई का यह दिन भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। आज हम सब यहाँ कारगिल विजय दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। यह वह दिन है जब 1999 में, हमारे वीर भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुए, कारगिल की दुर्गम चोटियों पर घुसपैठ करने वाले दुश्मनों को खदेड़ दिया था। और ऑपरेशन विजय को सफलतापूर्वक अंजाम देकर तिरंगे की शान को फिर से स्थापित किया था। कारगिल युद्ध, जो 1999 के मई से जुलाई तक चला, भारतीय सेना के लिए एक असाधारण चुनौती थी। हमारे सैनिकों को अत्यधिक ऊँचाई, बर्फीले मौसम और कठिन पहाड़ी इलाकों में लड़ना पड़ा। दुश्मन ऊँची चोटियों पर बैठे थे, जबकि हमारे जवानों को नीचे से ऊपर की ओर चढ़ाई करते हुए, गोलियों और तोपों के गोले का सामना करना पड़ा। लेकिन हमारे बहादुर जवानों ने हार नहीं मानी। उन्होंने पहले तिरंगा, फिर जीवन के मंत्र को आत्मसात करते हुए, अपनी जान की परवाह किए बिना दुश्मनों का सामना किया। इस युद्ध में, हमने अपने कई वीर सपूतों को खोया, जिन्होंने देश की आन, बान और शान के लिए अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान दिया। कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडेय, राइफलमैन संजय कुमार और ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव जैसे अनगिनत नायकों ने अपनी वीरता से इतिहास रच दिया। उनकी शहादत हमें याद दिलाती है कि हमारी स्वतंत्रता और सुरक्षा कितनी अनमोल है।कारगिल विजय दिवस केवल एक युद्ध में मिली जीत का जश्न नहीं है, बल्कि यह हमारे सैनिकों के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और निस्वार्थ बलिदान को याद करने का दिन है। यह हमें सिखाता है कि राष्ट्र से बढ़कर कुछ भी नहीं।"




