Sonbhadra News : "जनपद न्यूज Live" की खबर का बड़ा असर- पोल पर प्राइवेट युवक को चढ़ाने वाले निविदा लाइनमैन पर गिरी गाज
घोरावल ब्लॉक के खतौली ग्राम पंचायत में बिजली के पोल पर प्राइवेट व्यक्ति को चढ़ाकर कार्य कराने और इसी दौरान उसके करंट की चपेट में आकर झुलसने के मामले में जनपद न्यूज Live की खबर का बड़ा असर देखने.......

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10:29 AM, August 12, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । घोरावल ब्लॉक के खतौली ग्राम पंचायत में बिजली के पोल पर प्राइवेट व्यक्ति को चढ़ाकर कार्य कराने और इसी दौरान उसके करंट की चपेट में आकर झुलसने के मामले में जनपद न्यूज Live की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। गत 4 अगस्त को “मौत बनकर दौड़ा करंट! पोल पर झुलसा युवक, जेई पर गंभीर आरोप” शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद बिजली विभाग हरकत में आया। विभागीय अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की और अब निविदा लाइनमैन के खिलाफ कार्यवाही की तैयारी शुरू कर दी गई है।
वहीं अधीक्षण अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह ने संबंधित फर्म को पत्र जारी कर निविदा लाइनमैन राजा बाबू की बर्खास्तगी की कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। वहीं मौके पर मौजूद बताए जा रहे जेई अरुण पाल को स्पष्टीकरण जारी किया गया है। लेकिन विभाग की इस कार्यवाही के बाद अब एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है कि क्या पूरे मामले में सिर्फ निविदा लाइनमैन ही दोषी है? जेई मौके पर मौजूद थे तो सिर्फ लाइनमैन पर कार्यवाही क्यों?
बताया जा रहा है कि घटना के दौरान बिजली विभाग के जेई अरुण पाल और निविदा लाइनमैन राजा बाबू मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक प्राइवेट व्यक्ति विनोद कुमार पासवान को बिजली के पोल पर चढ़ाकर कार्य कराया जा रहा था और वह करंट की चपेट में आकर पोल पर ही बेहोश हो गया।
यदि विभाग की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि प्राइवेट व्यक्ति को पोल पर चढ़ाकर कार्य कराया जाना गलत था, तो फिर यह सवाल बेहद अहम है कि मौके पर मौजूद जेई की जिम्मेदारी क्या थी? क्या जेई को यह दिखाई नहीं दिया कि पोल पर कौन चढ़ रहा है? क्या जेई ने प्राइवेट व्यक्ति को पोल पर चढ़ने से रोकने का प्रयास किया? क्या कार्य कराने से पहले सुरक्षा मानकों और व्यक्ति के अधिकृत होने की जांच की गई?
और सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जेई की मौजूदगी में यह पूरा घटनाक्रम हुआ तो कार्यवाही का दायरा सिर्फ निविदा लाइनमैन तक क्यों सीमित किया जा रहा है? लाइनमैन पर बर्खास्तगी, जेई से सिर्फ स्पष्टीकरण क्या यह विभागीय लापरवाही का प्रमाण नहीं?
विभाग ने निविदा लाइनमैन के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्यवाही के लिए संबंधित फर्म को पत्र भेज दिया, लेकिन जेई के मामले में अभी सिर्फ स्पष्टीकरण मांगा गया है। यहीं कार्रवाई अब सवालों के घेरे में है। क्या विभागीय अधिकारी की जिम्मेदारी सिर्फ स्पष्टीकरण देने तक सीमित है? यदि मौके पर विभागीय जेई मौजूद थे और उनकी आंखों के सामने एक प्राइवेट व्यक्ति को बिजली के पोल पर चढ़ाकर काम कराया जा रहा था, तो क्या उनकी जिम्मेदारी तय नहीं होनी चाहिए? एक तरफ संविदा कर्मचारी पर नौकरी जाने की तलवार लटक गई और दूसरी तरफ विभागीय अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगकर मामला छोड़ दिया गया कि क्या यह कार्यवाही का समान पैमाना है? यहीं सवाल अब बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सबसे बड़ा निशान लगा रहा है।
क्या सिर्फ निविदा कर्मचारी पर फोड़ा जा रहा जिम्मेदारी का ठीकरा -
अगर प्राथमिक जांच में यह माना गया कि प्राइवेट व्यक्ति से बिजली के पोल पर कार्य कराना गलत था तो यह भी जांच का विषय है कि उस समय मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारी ने क्या भूमिका निभाई। सिर्फ निविदा लाइनमैन को दोषी मान लेना और जेई को महज स्पष्टीकरण तक सीमित कर देना कहीं ऐसा तो नहीं कि पूरे मामले की जिम्मेदारी का ठीकरा छोटे कर्मचारी के सिर फोड़कर विभागीय जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जा रही है? यह सवाल इसलिए भी गंभीर है क्योंकि बिजली का काम अत्यंत जोखिम भरा होता है। एक छोटी सी लापरवाही किसी व्यक्ति की जान ले सकती है। ऐसे में मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारी की जवाबदेही तय करना भी उतना ही जरूरी है जितना नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारी पर कार्यवाही करना।
वायरल वीडियो ने खोली थी व्यवस्था की पोल -
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया था। वीडियो में युवक के पोल पर चढ़े होने और करंट की चपेट में आने की घटना ने लोगों को झकझोर दिया। इसके बाद बिजली विभाग में हड़कंप मचा और जांच शुरू हुई। जनपद न्यूज Live ने मामले को प्रमुखता से उठाते हुए न सिर्फ घटना को सामने रखा, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली और जेई की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए थे। खबर के बाद विभागीय स्तर पर कार्यवाही शुरू होना इस बात का संकेत है कि मामला सामान्य नहीं था।
अधीक्षण अभियंता ने माना, प्राइवेट व्यक्ति से काम कराना गलत -
अधीक्षण अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि "प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि निविदा लाइनमैन राजा बाबू द्वारा एक प्राइवेट व्यक्ति को बिजली के पोल पर चढ़ाकर कार्य कराया जा रहा था, जो गलत है। उन्होंने बताया कि संबंधित फर्म को पत्र जारी कर निविदा लाइनमैन की बर्खास्तगी की कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जेई अरुण पाल को स्पष्टीकरण जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि बिजली के कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति से इस प्रकार का कार्य कराया जाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।"




