Sonbhadra news : 18 साल से सड़क बदहाल, नहर भी टूटी—बभनी के ग्रामीणों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
स्थानीय विकासखंड बभनी में लंबे समय से जर्जर सड़क और क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

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6:48 PM, September 21, 2026
राजेश कुमार (संवाददाता)
बभनी (सोनभद्र)। स्थानीय विकासखंड बभनी में लंबे समय से जर्जर सड़क और क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन भेजकर सड़क की मरम्मत, नहर की सफाई और क्षतिग्रस्त हिस्सों के पुनर्निर्माण की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि शिव मंदिर से पुरानी बाजार टोला होते हुए प्राथमिक विद्यालय द्वितीय तक जाने वाली सड़क करीब 18 वर्षों से बदहाल है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं। बारिश के दिनों में इनमें पानी और कीचड़ भर जाने से आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को होती है। आपात स्थिति में एंबुलेंस को भी इसी खराब रास्ते से गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर कई बार ग्राम स्तर से लेकर जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित अधिकारियों तक शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगातार मांग के बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
नहर टूटने से खेतों तक नहीं पहुंच रहा पानी
बभनी सरकारी बांध से आसपास के क्षेत्र की बड़ी कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलती है, लेकिन नहर की बदहाल स्थिति किसानों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार पक्की नहर कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। परिणामस्वरूप बांध से छोड़ा गया पानी खेतों तक पहुंचने के बजाय रास्ते में ही बहकर नालों और नदी में चला जाता है।
इसका सीधा असर किसानों की खेती पर पड़ रहा है। समय पर पानी नहीं मिलने से धान की रोपाई सहित अन्य फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सड़क की मरम्मत और नहर की सफाई एवं पुनर्निर्माण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन की समस्या से राहत मिलने के साथ किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सके।
ज्ञापन देने वालों में मिथलेश गुप्ता, रविशंकर गुप्ता, अमित, सुरेंद्र गुप्ता और विशिष्ठ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं किसान शामिल रहे।




