Sonbhadra News : जनपद न्यूज Live की खबर का बड़ा असर, ग्राम सभा अरंगी के विकास कार्यों की जांच के लिए डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय समिति
आखिरकार जनपद न्यूज Live की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। बीते दिनों जनपद न्यूज Live की टीम ने ग्राम पंचायत अरंगी पहुंचकर जमीनी हकीकत की पड़ताल की थी और विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं तथा.....

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10:39 AM, June 16, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आखिरकार जनपद न्यूज Live की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। बीते दिनों जनपद न्यूज Live की टीम ने ग्राम पंचायत अरंगी पहुंचकर जमीनी हकीकत की पड़ताल की थी और विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं तथा ग्रामीणों की शिकायतों को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर के प्रकाशन के बाद मामला प्रशासनिक गलियारों तक पहुंचा और अब जिलाधिकारी चर्चित गोंड ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। ऐसे में अब पंचायत में हुए विकास कार्यों की परत-दर-परत जांच होगी जिसके बाद यह साफ हो जाएगा कि जनता के पैसे से वास्तव में विकास हुआ या फिर कागजों पर ही योजनाओं का महल खड़ा किया गया।
अब खुलेंगी पंचायत के विकास कार्यों की परतें -
बताते चलें कि ग्राम पंचायत अरंगी निवासी अशोक कुमार द्वारा शपथ पत्र के साथ की गई शिकायत ने पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं, सरकारी धन के उपयोग, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी चर्चित गोंड ने तत्काल संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम के तहत तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। समिति में जिला कार्यक्रम अधिकारी, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता तथा जिला लेखा परीक्षा अधिकारी द्वारा नामित लेखा परीक्षक को शामिल किया गया है। जांच टीम को शिकायत में उल्लिखित प्रत्येक बिंदु की स्थलीय, तकनीकी और अभिलेखीय जांच कर एक पक्ष के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नाली निर्माण में लाखों का खेल, बिना काम के भुगतान का आरोप -
जनपद न्यूज Live की टीम जब गांव पहुंची थी तो ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि कई स्थानों पर नाली निर्माण के नाम पर सरकारी धन खर्च दिखाया गया, जबकि मौके पर नालियां बनी ही नहीं हैं। ग्रामीणों का दावा है कि कागजों में कार्य पूरा दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान निकाल लिया गया। लोगों ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता भी बेहद खराब है और कई काम केवल रिकॉर्ड में ही पूरे दिखाए गए हैं।
आवास दिलाने के नाम पर अवैध वसूली का आरोप -
गांव की महिलाओं ने भी गंभीर आरोप लगाए थे। ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर प्रधानपति द्वारा एक हजार रुपये से लेकर बीस हजार रुपये तक की अवैध वसूली की गई। महिलाओं ने दावा किया था कि पात्र लाभार्थियों से सुविधा शुल्क के नाम पर धन मांगा गया, जिससे गरीब परिवारों में नाराजगी व्याप्त है।
ग्रामीणों ने लगाया शवदाह स्थल निर्माण में भी लाखों के गोलमाल का आरोप -
ग्रामीणों ने गांव में बने शवदाह स्थल के निर्माण कार्य पर भी सवाल उठाए थे। उनका आरोप है कि निर्माण कार्यों में भारी अनियमितता बरती गई और सरकारी धन का सही उपयोग नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर दिखाई देने वाले कार्य और सरकारी अभिलेखों में दर्ज खर्च के बीच बड़ा अंतर है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
जांच की भनक लगते ही शुरू हुआ सुधार अभियान! -
गांव में चर्चा का विषय यह भी बना हुआ है कि जांच समिति गठित होने की खबर मिलते ही पंचायत स्तर पर तेजी से गतिविधियां शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिन नालियों और विकास कार्यों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया, अब उन्हें युद्धस्तर पर पूरा कराने की कोशिश की जा रही है। कई स्थानों पर मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू करा दिए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब जांच टीम को "ऑल ओके" दिखाने की तैयारी का हिस्सा है।
अब जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें -
जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समिति अब पूरे मामले की स्थलीय, तकनीकी और अभिलेखीय जांच करेगी। ऐसे में ग्रामीणों की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में आखिर क्या सच सामने आता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली सरकार में यदि सरकारी धन के बंदरबांट और विकास कार्यों में अनियमितताओं के आरोप सही पाए जाते हैं, तो क्या जिम्मेदार प्रधान और सचिव पर कार्रवाई की गाज गिरेगी या फिर मामला जांच फाइलों तक ही सीमित रह जाएगा, यह एक पखवाड़े बाद जांच टीम के रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।




