Sonbhadra News : महिलाओं के नाम पर महाठगी ! NRLM बना लूट का अड्डा, समूह की महिलाओं के खाते से उड़ाए ₹90 हजार
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की जिस योजना को सरकार अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताती है, वही अब भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का अड्डा बनती दिख रही है।

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9:52 PM, May 2, 2026
आनंद चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की जिस योजना को सरकार अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताती है, वही अब भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का अड्डा बनती दिख रही है। NRLM के नाम पर गरीब महिलाओं के सपनों से खिलवाड़ किया जा रहा है जहां सशक्तिकरण के बजाय उनके हक का पैसा ही सुरक्षित नहीं रह गया। ताजा मामला एक बार फिर इस सिस्टम की सच्चाई को बेनकाब कर रहा है।
अभी शाहगंज क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामले की जांच पूरी भी नहीं हो पाई थी कि रॉबर्ट्सगंज तहसील से एक और चौंकाने वाला मामला सामने आ गया है। तहसील दिवस पर एक महिला की शिकायत के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
ग्राम बिरधी की रहने वाली आशा देवी ने आरोप लगाया है कि कोमल आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से लोन लिमिट बढ़ाने के नाम पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए और फिर 24 मार्च 2026 को समूह के खाते से ₹90 हजार रुपये निकाल लिए गए।
महिलाओं को इस धोखाधड़ी की जानकारी तब हुई जब वे पासबुक अपडेट कराने बैंक पहुंचीं। वहां पता चला कि उनके खाते से ₹90 हजार निकालकर किसी निजी खाते में ट्रांसफर कर दिए गए हैं।
पीड़ित महिलाओं का कहना है कि इस घटना के बाद उन पर कर्ज का बोझ बढ़ गया है और वे आर्थिक संकट में फंस गई हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि आरोप किसी बाहरी व्यक्ति पर नहीं, बल्कि बैंक सखी पर ही लगाया जा रहा है—जिसे महिलाओं की मदद और मार्गदर्शन के लिए नियुक्त किया जाता है।
मामला यहीं नहीं रुकता। गांव के अन्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भी इसी तरह की ठगी के आरोप लगाए हैं। कहीं ₹50 हजार तो कहीं ₹70 हजार तक की रकम निकाले जाने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि इस पैसे का इस्तेमाल अवैध जमीन खरीद और निजी कार्यों में किया गया।
"बहरहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसील दिवस पर मौजूद अधिकारियों ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं, तो क्या यह सिर्फ इत्तेफाक है या फिर NRLM के नाम पर संगठित भ्रष्टाचार का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है? ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या शाहगंज मामले की तरह इस मामले को भी जांच में उलझा कर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।"




