Sonbhadra News : बहुआर सड़क विवाद ने पकड़ा तूल, भू स्वामी ने घोरावल विधायक पर लगाया पर्दे के पीछे से खेल रचने का आरोप
बहुआर सड़क निर्माण विवाद अब पूरी तरह से विधायक बनाम भू स्वामी की लड़ाई में तब्दील होता नजर आ रहा है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों के एक समूह ने भू स्वामी ज्ञानेंद्र त्रिपाठी पर दबंगई......

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6:42 PM, July 12, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । बहुआर सड़क निर्माण विवाद अब पूरी तरह से विधायक बनाम भू स्वामी की लड़ाई में तब्दील होता नजर आ रहा है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों के एक समूह ने भू स्वामी ज्ञानेंद्र त्रिपाठी पर दबंगई दिखाकर सड़क निर्माण रुकवाने का आरोप लगाया था। वहीं अब शनिवार को भू स्वामी ने खुलकर पलटवार करते हुए घोरावल विधायक डॉ0 अनिल कुमार मौर्य पर पूरे विवाद का "पर्दे के पीछे से खेल रचने" का सनसनीखेज आरोप लगाया है।
पत्रकारों से बातचीत में ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि जिस भूमि पर सड़क निर्माण कराया जा रहा है, वह उनकी खतौनी में दर्ज निजी जमीन है। प्रशासनिक दबाव बढ़ने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी, जहां से उन्हें स्थगन (स्टे) आदेश प्राप्त हुआ। इसके बावजूद लगातार उनकी जमीन पर सड़क बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
भू स्वामी ने आरोप लगाया कि घोरावल विधायक के संरक्षण और इशारे पर प्रशासन उन पर सड़क निर्माण में बाधा न डालने के लिए लगातार दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे कितना भी दबाव बनाया जाए, वह अपनी वैधानिक लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
भूस्वामी ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि "मेरे खिलाफ जो माहौल बनाया जा रहा है, उसके पीछे पूरा खेल पर्दे के पीछे से घोरावल विधायक रच रहे हैं। यदि वास्तव में जनता की भलाई करनी होती तो गांव की लगभग 100 वर्ष पुरानी मुख्य सड़क का निर्माण कराया जाता, जिससे करीब 80 प्रतिशत आबादी को लाभ मिलता लेकिन निजी हित साधने के लिए मेरी खतौनी की जमीन पर जबरन सड़क बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि गांव की मुख्य सड़क को छोड़कर विवादित भूमि पर सड़क निर्माण कराने का कोई औचित्य नहीं है। उनका कहना है कि यह विवाद जानबूझकर खड़ा किया गया है।"
उधर, कुछ अन्य ग्रामीणों ने भी विधायक की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सड़क निर्माण ही उद्देश्य था तो गांव की पुरानी सड़क का चौड़ीकरण और मरम्मत कराई जानी चाहिए थी। उनका आरोप है कि विवादित भूमि पर सड़क निर्माण से केवल चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।




