Sonbhadra News : बाबा साहब ने कहा था 'छुआछुत गुलामी से भी बदतर है' - आशु
आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य आशुतोष कुमार दुबे (आशु) के नेतृत्व में राबर्ट्सगंज स्थित काशीराम आवास पर चौपाल लगाकर दलित बस्ती में बाबा साहब द्वारा किए गए कार्यों एवं दलित समुदाय के लोगों....

चौपाल करते समय कांग्रेस कमेटी के सदस्य आशुतोष कुमार दुबे 'आशु'
sonbhadra
8:55 PM, January 7, 2025
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य आशुतोष कुमार दुबे (आशु) के नेतृत्व में राबर्ट्सगंज स्थित काशीराम आवास पर चौपाल लगाकर दलित बस्ती में बाबा साहब द्वारा किए गए कार्यों एवं दलित समुदाय के लोगों को अधिकार दिलाने का काम जो बाबा साहब ने किया जो लड़ाई लड़ी उस विषय पर प्रकाश डालते हुए मौजूदा सरकार द्वारा उन पर किए गए टिप्पणी के निंदा भी की ।
आशु दुबे ने कहा कि सन 1927 तक डॉ0 भीम राव आम्बेडकर ने छुआछूत के विरुद्ध एक व्यापक एवं सक्रिय आंदोलन आरम्भ करने का निर्णय किया था। उन्होंने सार्वजनिक आंदोलनों, सत्याग्रहों और जूलूसों द्वारा, पेयजल के सार्वजनिक संसाधन समाज के सभी वर्गों के लिये खुलवाने के साथ ही उन्होनें अछूतों को भी हिंदू मन्दिरों में प्रवेश करने का अधिकार दिलाने के लिये संघर्ष किया। उन्होंने महाशहर में अछूत समुदाय को भी नगर की चवदार जलाशय से पानी लेने का अधिकार दिलाने कि लिये सत्याग्रह चलाया। बाबा साहब ने कहा था "छुआछूत गुलामी से भी बदतर है।" ये बड़ौदा के रियासत राज्य द्वारा शिक्षित थे, अतः उनकी सेवा करने के लिए बाध्य थे। उन्हें महाराजा गायकवाड़ का सैन्य सचिव नियुक्त किया गया, लेकिन जातिगत भेदभाव के कारण कुछ ही समय में उन्हें यह नौकरी छोड़नी पडी। उन्होंने इस घटना को अपनी आत्मकथा, ' वेटिंग फॉर अ वीजा ' में वर्णित किया । इसके बाद, उन्होंने अपने बढ़ते परिवार के लिए जीविका साधन खोजने के पुनः प्रयास किये, जिसके लिये उन्होंने लेखाकार के रूप में, व एक निजी शिक्षक के रूप में भी काम किया, और एक निवेश परामर्श व्यवसाय की स्थापना की, किन्तु ये सभी प्रयास तब विफल हो गये जब उनके ग्राहकों ने जाना कि ये अछूत हैं।1918 में, ये मुंबई में सिडेनहम कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स में राजनीतिक अर्थशास्त्र के प्रोफेसर बने। हालांकि वे छात्रों के साथ सफल रहे, फिर भी अन्य प्रोफेसरों ने उनके साथ पानी पीने के बर्तन साझा करने पर विरोध किया। आशु दुबे ने कहा कि अगर देखा जाए तो डॉक्टर साहब भीमराव अंबेडकर ने तमाम कुरीतियों का खुद सामना करते हुए उनसे लड़ाई लड़कर अधिकार दिलाने का काम किया है।
शहर कांग्रेस कमेटी के महासचिव शंकर भारती ने कहा कि बाबा साहब ने हम सभी को जो अधिकार दिलाने का काम किया है उनके ऊपर किसी प्रकार की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेंगे , जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार गौतम ने कहा कि बाबा साहब की वजह से ही आज हम सभी लोगों को अधिकार मिला है और उनके संघर्ष को हम जाया नहीं जाने देंगे और संविधान पर किसी प्रकार की बात हम बर्दाश्त नहीं करेंगे ,उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष अजीत खरवार ने कहा कि संविधान रचयिता हम सबके मसीहा हैं और उनका सम्मान करते हैं उन पर टिप्पणी गलत है।




