Sonbhadra News : पितृ पक्ष के समापन पर सोन नदी के तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, पिंडदान और तर्पण कर पितरों को किया याद
मान्यता है कि महालय अमावस्या पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण करने के लिए विशेष दिन है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु सोन नदी के तट पर पहुंचे और धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना कर अपने पितरों के

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12:29 PM, October 10, 2026
घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)
चोपन (सोनभद्र)। पितृ पक्ष के समापन और महालय अमावस्या के अवसर पर चोपन नगर पंचायत स्थित सोन नदी के पवित्र तट पर श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ पड़ी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से पिंडदान और तर्पण किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महालय अमावस्या पर पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों का स्मरण कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
सोन नदी के तट पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान पंडित सचिन तिवारी के मार्गदर्शन में संपन्न कराए गए। उन्होंने श्रद्धालुओं को पितृ पक्ष, श्राद्ध और पिंडदान के धार्मिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने का विशेष अवसर माना जाता है। इस अवधि में लोग अपने दिवंगत पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण कर उनका स्मरण करते हैं।
मान्यता है कि महालय अमावस्या पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण करने के लिए विशेष दिन है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु सोन नदी के तट पर पहुंचे और धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना कर अपने पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था और परंपराओं का माहौल देखने को मिला।




