Sonbhadra News : चार लेबर कोड समाप्त करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आशाओं ने किया प्रदर्शन
आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने गुरुवार को ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रीय मंच द्वारा बुलाई गई अखिल भारतीय आम हड़ताल में शामिल होकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान अपनी मांगों का ज्ञापन डीएम के माध्य...

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11:31 PM, February 12, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने गुरुवार को ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रीय मंच द्वारा बुलाई गई अखिल भारतीय आम हड़ताल में शामिल होकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान अपनी मांगों का ज्ञापन डीएम के माध्यम से सरकार को भेजा। वहीं उन्होंने डिप्टी सीएम/स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा स्वास्थ्य कर्मचारी का दर्जा देने और जल्द ही 10 हजार रुपए मानदेय किए जाने की बात का स्वागत करते हुए एक दूसरे को मिठाई खिलाकर स्वागत किया हालांकि आशाओं ने स्पष्ट किया कि इस फैसले पर 18 फरवरी को होने वाली बैठक में आखिरी मुहर लगेगी।
इस दौरान यूनियन की जिलाध्यक्ष जानकी देवी ने कहा कि "कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किए बगैर कार्य कृष्ण वाली तथा कोरोना योद्धा का तमगा पाने वाली आशा वर्कर स्वास्थ्य विभाग के सभी अभियानों और सर्वे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद न तो उन्हें न्यूनतम वेतन मिलता है और न ही कर्मचारी का दर्जा प्राप्त है। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखभाल से लेकर विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों तक सभी जिम्मेदारियां निभाने के बाद भी उन्हें काम के अनुरूप भुगतान नहीं मिल रहा जबकि कई राज्यों में आशाओं को अलग-अलग प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम/स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के आश्वासन पर उन्हें पूरा भरोसा है। उन्होंने आशाओं को कर्मचारी का दर्जा देने की घोषणा का स्वागत किया।
वहीं आशा रिजवाना ने मांग किया कि "चार नए लेबर कोड वापस लिया जाए, आशा वर्कर्स का नियमितीकरण और सम्मानजनक वेतन, पूरे देश में समान मानदेय, न्यूनतम वेतन व कर्मचारी का दर्जा देने, सेवानिवृत्ति पर अनिवार्य पेंशन या तब तक 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि देने, विभिन्न मदों का भुगतान समय पर जारी करने, अस्पतालों में सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए, जिससे आशाओं को कार्य करने में दिक्कतों का समाना न करना पड़े।"
इस दौरान बड़ी संख्य में आशाएं मौजूद रही।



