Sonbhadra News : म्योरपुर के ARP ने शिक्षा को बनाया मजाक, पकड़े जाने पर बीएसए ने कर दी कार्यवाही
जहां एक तरह योगी सरकार शिक्षा को बेहतर बनाने जड़ लिए भारी भरकम बजट दे रही है वहीं शिक्षक किस तरह शिक्षा को मजाक बना रहे हैं इसका खुलासा खुद बेसिक शिक्षा अधिकारी के एक पत्र से हुआ।

फाइल फोटो
sonbhadra
10:20 PM, February 25, 2025
शान्तनु कुमार
सोनभद्र । जहां एक तरह योगी सरकार शिक्षा को बेहतर बनाने जड़ लिए भारी भरकम बजट दे रही है वहीं शिक्षक किस तरह शिक्षा को मजाक बना रहे हैं इसका खुलासा खुद बेसिक शिक्षा अधिकारी के एक पत्र से हुआ ।
दरअसल शिक्षा क्षेत्र म्योरपुर के ARP द्वारा अपने स्थान पर किसी और से विद्यालय का सुपरविजन कराना मंहगा पड़ गया। शिकायत कर्ता द्वारा मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक मिर्जापुर को भेजे गए शिकायत के क्रम में जांच करने पर पुष्टि होने के फलस्वरूप अग्रिम आदेश तक वेतन अवरुद्ध करने का निर्देश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सोनभद्र को दिया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा पत्र जारी कर ARP म्योरपुर अखिलेश देव पांडेय का वेतन अग्रिम आदेश तक अवरुद्ध कर दिया गया है। अक्सर विवादों में रहने वाले ARP द्वारा अपने निजी कार्य को करते हुए खुद के द्वारा सपोर्टिव सुपरविजन न कर दूसरों से करवाना ये दर्शाता है कि विभाग के प्रति इनकी संवेदना कैसी है। शासन द्वारा विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन के लिए ARP का नियुक्ति किया गया है जो विद्यालयों में जाकर बच्चों के बीच कम से कम दो घंटे रह कर उनकी शैक्षिक स्थिति को बढ़ाने में सहयोग करेंगे एवं कठिनाई आने पर उसका निराकरण करेंगे । किंतु बताया जाता है कि जिले के अधिकतर ARP अन्य धंधे में संलिप्त हैं। उधर शासन से नए ARP चयन की प्रक्रिया गतिमान बताया जा रहा है एवं 15 मार्च के बाद पुराने ARP को मूल विद्यालय में वापसी होना है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब ARP द्वारा गलत रिपोर्टिंग की जाती है तो उस समय क्यों नहीं कार्यवाही की जाती । सवाल तो यह भी है कि जिसके माध्यम से यह रिपोर्ट भेजी जाती है उस पर भी कार्यवाही होनी चाहिए ताकि सही रिपोर्ट आ सके । सवाल तो यह भी है कि शिक्षा विभाग में कार्यवाही सिर्फ वेतन अवरुद्ध तक ज्यादे रहता है, जबकि वेतन अवरुद्ध के साथ निलंबन की कार्यवाही भी होनी चाहिए ताकि सामाजिक क्षति भी हो ।




