Sonbhadra News :.......और इंजेक्शन लगाते ही निकली मासूम की जान, जाने क्या है पूरा मामला
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते जिले में एक बार फिर से झोलाछाप डाक्टर बेखौफ होकर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से इनके हौसले...

sonbhadra
11:59 PM, December 20, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• स्वास्थ्य महकमे की बेपरवाही ने ली एक मासूम की जान
• थाने में तहरीर देकर मृतक के परिजनों ने की कार्यवाही की मांग
सोनभद्र । स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते जिले में एक बार फिर से झोलाछाप डाक्टर बेखौफ होकर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से इनके हौसले बुलंद हैं। ताज़ा मामला गुरुवार क़ो बीजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत का बताया जा रहा है जहाँ एक झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन लगाते ही आठ वर्षीय बालक की मौत हो गयी। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। आज परिजनों ने बीजपुर थाने में तहरीर देकर उक्त झोलाछाप चिकित्सक के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, गुरूवार क़ो 8 वर्षीय अभिषेक पुत्र आशोक कुमार नि0 पिंडारी टोला मरनहवा घर के बाहर पुलिया के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था इसी दौरान उसको पैर में चोट लग गयी जिसके बाद अभिषेक के परिजन उसे लेकर नजदीकी एक झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक पर पहुँचे जहाँ मरहम पट्टी के बाद डॉक्टर के सहायक ने अभिषेक क़ो एक इंजेक्शन लगाया जिस पर वह बेहोश हो गया। जिसके बाद परिजन उसे लेकर धन्वंतरि हॉस्पिटल पहुँचे, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत लाया घोषित कर दिया। पुलिस ने शव क़ो कब्जे में लेकर पीएम के लिए सीएचसी दुद्धी भेजवा दिया गया है। वहीं मृतक के दादा दयाशंकर की तहरीर पर पुलिस ने फिर दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्यवाही में जुट गया है। वहीं पुरे मामले पर सीएमओ ने नोडल अधिकारी क़ो जाँच कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है।
बताते चलें विगत दिनों अभियान चलाकर झोलाछाप डाक्टरों के क्लीनिक और पैथोलैब संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद संचालकों में हडक़ंप मचा था लेकिन स्वास्थ्य विभाग के ढील-ढाल रवैये से एक बार फिर इनके द्वारा बेखौफ होकर लोगों का इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जिले में नर्सिंग होम एक्ट का क्रियान्वयन कराने में पूरी तरह से असफल साबित हो रहे हैं। इसी का फायदा उठाकर झोलाछाप चिकित्सक अपनी दुकान चलाते हैं जिसमें वह किसी की जान भी लेने से नहीं हिचकते।




