Sonbhadra News : आनंद खरवार का छलका दर्द, कहा- आज तक नहीं पहुंचे बिरादरी के सांसद व मंत्री
वे वोट से सांसद, विधायक चुनते हैं लेकिन मुसीबत के समय कोई खड़ा नहीं होता। आनंद ने बताया कि उनकी पत्नी ग्राम पंचायत सदस्य थी, जिसकी वजह से ग्राम प्रधान आये थे।

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9:06 AM, September 24, 2026
- नेटवर्क की वजह से नहीं मिल सकी थी एंबुलेंस सुविधा
- बिना इलाज के पत्नी ने तोड़ा था दम
- मंत्री संजीव गोंड का विधान सभा क्षेत्र है जुगैल
- सांसद छोटे लाल खरवार भी शामिल नहीं हो सके विरादरी के दुःख में
शांतनु कुमार/घनश्याम पांडेय
सोनभद्र । यह तस्वीर आनंद लाल खरवार की है... जी हाँ वही आनंद लाल खरवार जिनकी पत्नी की मौत इसलिए हो गयी क्योंकि जुगैल जैसे इलाके में नेटवर्क की समस्या की वजह से आनंद एंबुलेंस नहीं बुला सका और उसकी इलाज के अभाव में दम तोड़ दी। बुधवार को आनंद ने पूरी विधि विधान से अंतिम संस्कार के कार्यक्रम को संपन्न कराया लेकिन उसे सबसे ज्यादा मलाल है कि सरकारी सिस्टम की वजह से उसकी पत्नी की हुई मौत के बाद कोई उसके यहाँ दुःख तक व्यक्त करने नहीं पहुंचा । एक तरफ प्रशासन और मंत्री कर्मा महोत्सव मना रहे हैं वहीँ एक आदिवासी समाज से जुड़े व्यक्ति के घर कोई झांकने व सांतवना देने तक नहीं गया।
आदिवासी समाज को मजबूत करने के लिए जनता ने चुनकर भेजा लेकिन जहाँ जुगैल खुद मंत्री संजीव गोंड का विधानसभा क्षेत्र होने के बाद भी नहीं पहुँच सके तो वहीँ सांसद छोटेलाल खरवार उसी बिरादरी से हैं लेकिन उन्हें भी वक्त नहीं मिला । एक तरफ सरकार आदिवासियों के हितों और उसके उत्थान की बात करती है वहीँ सिस्टम की वजह से अपनी पत्नी को खो चुके आदिवासी आनंद के घर जाने के लिए न अधिकारियों के पास और न जनप्रतिनिधियों के पास समय है।
आनंद खरवार का कहना है कि वे वोट से सांसद, विधायक चुनते हैं लेकिन मुसीबत के समय कोई खड़ा नहीं होता। आनंद ने बताया कि उनकी पत्नी ग्राम पंचायत सदस्य थी, जिसकी वजह से ग्राम प्रधान आये थे।
आपको बता दें कि 13 सितंबर की रात आनंद खरवार की पत्नी को प्रसव का दर्द उठा तो वह काफी देर तक नेटवर्क ढूंढता रहा कि एंबुलेंस बुला ले लेकिन जब प्रसव दर्द और बढ़ने लगा तो वह किसी प्रकार ऑटो बुलाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पचपेड़िया पहुंचा जहाँ ऑप्रेशन में मृत बच्चा पैदा हुआ। जिसके बाद उसके पत्नी की स्थिति बिगड़ने लगी और नर्स और एनम ने उसे यहाँ से कहीं दूसरे जगह ले जाने को कहा, देर रात की वजह से आनंद परेशान हो उठा । क्योंकि चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी वहाँ से लगभग 35 किमी दूर था। उपर से नेटवर्क न होने की वजह वह एंबुलेंस भी नहीं बुला पा रहा था। आखिरकार उसकी पत्नी ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया।
बहरहाल आनंद खरवार को जहाँ जच्चा-बच्चा को खोने का गम है वहीँ उसके समाज से जुड़े सांसद व मंत्री द्वारा की गई उपेक्षा भी वह भूल नहीं पा रहा।




