Sonbhadra News : एक ऐसा अभागा पिता जिसके कंधों पर चले गए चार जवान बेटे, पूरा गांव शोक में डूबा
एक पिता के लिए इससे बड़ा दुःख और क्या हो सकता है कि जिनके कंधों पर अंतिम समय में उन्हें जाना चाहिए था उसी बाप के कंधों पर एक नहीं बल्कि चार-चार जवान बेटा चला जाय।

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10:48 PM, January 17, 2026
शान्तनु कुमार/पी के विश्वकर्मा
० 2022 से हर वर्ष बेटे की मौत ने पिता ही नहीं पूरे गांव को हिलाकर रख दिया
कोन (सोनभद्र)। एक पिता के लिए इससे बड़ा दुःख और क्या हो सकता है कि जिनके कंधों पर अंतिम समय में उन्हें जाना चाहिए था उसी बाप के कंधों पर एक नहीं बल्कि चार-चार जवान बेटा चला जाय।
मामला कोन थाना क्षेत्र का है। जहां रामप्रीत भूईया निवासी मधुरी ग्राम पंचायत कचनरवा के चार बेटे थे। 2022 में सबसे बड़ा बेटा पिंटू (30) वर्ष टीबी की बीमारी के कारण इस दुनिया से चला गया। जबकि दुसरे वर्ष दूसरा बेटा सुरेन्द्र (28) वर्ष और तीसरा बेटा अजय कुमार (25) वर्ष इस दुनिया को अलविदा कह दिया। लगातार तीन बेटों की मौत के बाद पिता रामप्रीत भूईया बुरी तरह टूट चुका था। वजह साफ थी कि हर वर्ष पिता रामप्रीत भूईया ने अपने सभी बेटों का अंतिम संस्कार करना पड़ा । पिता की स्थिति देख रामप्रीत का सबसे छोटा बेटा अर्जून ने घर को संभाला । लेकिन उपर वाले को शायद यह भी मंजूर नहीं था और 14 जनवरी को अर्जुन दुद्धी कनहर मेला देखने गया था । जहां अज्ञात ट्रक की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अर्जून की स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार की रात्रि में उसकी मौत हो गई । इस खबर ने न सिर्फ रामप्रीत बल्कि पूरे गांव को हिलाकर रख दिया। हर तरफ यही चर्चा हो रही है कि रामप्रीत ने कैसी तकदीर पायी है कि पिछले कुछ वर्षों में चार जवान बेटे दुनिया से चले गए। बताया जा रहा है कि बड़े तीन बेटों की शादी हो चुकी थी और उनके मासूम बच्चे भी थे।
घटना की जानकारी के बाद प्रधान प्रतिनिधि राजनारायण भारती मौके पर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाते हुए गरीब परिवार का भरण पोषण के लिए सरकार से मांग किया है।



