वहीं ग्रामीणों कौशलेंद्र कुमार, मुन्ना चौहान, राजू ओझा, विजय बहादुर चौहान, सुरेंद्र ओझा, रिंकू ओझा आदि ने बताया कि "घटनास्थल से लगभग 20 मीटर पहले 100 केवीए का ट्रांसफार्मर कुछ माह पूर्व लगाया गया था, जिससे 11 हजार वोल्टेज का तार व एलटी तार ग्रामीणों की आपूर्ति के लिए खींचा गया है। घटनास्थल के पास खेत से मात्र पांच फीट ऊपर तार है। इससे खतरा बराबर बना रहता था। वहीं बगल में कुछ दूरी से गया एलटी तार भी लगभग पांच फीट ऊपर है जो दुर्घटना को दावत दे रहा है। ग्रामीणों ने कई बार लिखित और मौखिक सूचना देकर बिजली विभाग से तार ठीक कराने की मांग की लेकिन कोई असर नहीं हुआ। विषुनपुरवा गांव में ही कूड़ा राजवाहा से निकली विषुनपुरवा माइनर के नहर के किनारे लगा विद्युत सीमेंट पोल भी काफी झुका है, जो बड़े हादसे को दावत दे रहा है।"