Sonbhadra News : जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी अधूरी अमवार पेयजल योजना, हजारों परिवार अब भी जलापूर्ति से वंचित
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत संचालित अमवार पेयजल समूह योजना में कार्यों की धीमी प्रगति एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।

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8:43 PM, June 9, 2026
राजा (संवाददाता)
अमवार (सोनभद्र) । केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत संचालित अमवार पेयजल समूह योजना में कार्यों की धीमी प्रगति एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। जिलाधिकारी सोनभद्र द्वारा लगभग तीन सप्ताह के भीतर क्षेत्र के 32 गांवों में घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध कराकर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी योजना का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के तहत अब तक आधे से भी कम परिवारों को नल कनेक्शन मिल पाया है, जबकि हजारों परिवार आज भी शुद्ध पेयजल की सुविधा से वंचित हैं। कई गांवों में पाइपलाइन बिछाने और कनेक्शन देने का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे लोगों को पुराने जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि जिलाधिकारी ने पूर्व में योजना की समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिया था कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र परिवारों तक पेयजल पहुंचाया जाए। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई थी कि कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कंपनी एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में योजना का कार्य कर रही Larsen & Toubro (एल एंड टी) पर अब लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय सीमा के बावजूद लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि क्या प्रशासन अपने निर्देशों को अमलीजामा पहनाएगा या फिर मामला केवल कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रह जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट और अधिक गंभीर हो जाता है। ऐसे में जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना का समय पर पूरा न होना लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से योजना की वास्तविक प्रगति की जांच कराते हुए शीघ्र जलापूर्ति सुनिश्चित कराने तथा लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
अब क्षेत्रवासियों की नजर जिला प्रशासन पर टिकी हुई है। देखना यह होगा कि जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में देरी को लेकर कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं, अथवा यह मामला भी अन्य अधूरी परियोजनाओं की तरह केवल आश्वासनों तक सीमित रह जाता है।
एल एंड टी के प्रोजेक्ट मैनेजर अजीत सिंह ने बताया कि अमवार मे कनैक्शन का कार्य पुर्ण कर लिया गया है, लेकिन मौके पर हकीकत कुछ और दिख रहा|




