प्रेसवार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष रामराज गोंड़ ने कहा कि "बीजेपी हमेशा से लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों के प्रति तिरस्कार दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ती। इस बार तो हद ही पार कर दी। उन्होंने बताया कि संविधान के 75 वर्ष पूरे होने पर कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के दलों ने संसद में सरकार से संविधान पर चर्चा की मांग रखी। अडानी, मणिपुर, संभल जैसे मामलों पर सदन में बहस की मांग लगातार ठुकराए जाने के बाद प्रतिपक्ष की संविधान पर चर्चा की मांग मान ली गई। मौके पर कांग्रेस समेत सभी दलों ने सरकार को लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की प्रतिबद्धता याद दिलाई। समता, समानता और न्याय के डॉ0 अंबेडकर के आदर्शों पर चलने की सलाह बीजेपी को कतई रास नहीं आई। सत्तापक्ष ने लगातार विपक्ष को बोलने से रोकने की कोशिश की। यही नहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डॉ0 अंबेडकर का अपमान कर संघ और बीजेपी की मनुवादी मानसिकता उजागर कर दी।"