Sonbhadra News :जय श्रीराम के उद्घोष के बीच दुद्धी में धूँ-धूँ कर जला अहंकारी रावण का पुतला
जय श्रीराम के उद्घोष के बीच धूँ-धूँ कर जला अहंकारी रावण का पुतला

sonbhadra
10:12 AM, October 21, 2026
जय श्रीराम के उद्घोष के बीच धूँ-धूँ कर जला अहंकारी रावण का पुतला
दुद्धी, सोनभद्र।असत्य पर सत्य की विजय के आस्था का प्रतीक विजय दशमी का पर्व मंगलवार को बड़े ही धूम धाम से तहसील क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रो में मनायी गयी।दुद्धी के श्री रामलीला मैदान पर विशाल मेले का आयोजन किया गया जिसमें देर शाम को रावण के 51 फिट के पुतले का दहन आदिशबाजी से की गयी इस बीच पुतला दहन लोगो के आकर्षक का केंद्र बना रहा।रावण दहन उपरांत लोगो ने गले मिलकर एक दूसरे को बधाई दी और आशीर्वाद लिया। इसके पूर्व रामलीला के कलाकारों द्वारा रावण के मरणासन्न अवस्था के पूर्व से बाद का मंचन किया गया ।रावण के मरणासन्न के समय भगवान श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा कि इस संसार से नीति, राजनीति और शक्ति का महान् पंडित विदा ले रहा है, तुम उसके पास जाओ और उससे जीवन की कुछ ऐसी शिक्षा ले लो जो और कोई नहीं दे सकता। श्रीराम की बात मानकर लक्ष्मण मरणासन्न अवस्था में पड़े रावण के सिर के नजदीक जाकर खड़े हो गए।रावण ने कुछ नहीं कहा। लक्ष्मण जी वापस रामजी के पास लौटकर आए। तब भगवान ने कहा कि यदि किसी से ज्ञान प्राप्त करना हो तो उसके चरणों के पास खड़े होना चाहिए न कि सिर की ओर यह बात सुनकर लक्ष्मण जाकर इस रावण के पैरों की ओर खड़े हो गए। उस समय महापंडित रावण ने लक्ष्मण को तीन बातें बताई जो जीवन में सफलता की कुंजी है। पहली बात जो रावण ने लक्ष्मण को बताई वह ये थी कि शुभ कार्य जितनी जल्दी हो कर डालना और अशुभ को जितना टाल सकते हो टाल देना चाहिए यानी शुभस्य शीघ्रम्। मैंने श्रीराम को पहचान नहीं सका और उनकी शरण में आने में देरी कर दी, इसी कारण मेरी यह हालत हुई।दूसरी बात यह कि अपने प्रतिद्वंद्वी, अपने शत्रु को कभी अपने से छोटा नहीं समझना चाहिए, मैं यह भूल कर गया। मैंने जिन्हें साधारण वानर और भालू समझा उन्होंने मेरी पूरी सेना को नष्ट कर दिया। मैंने जब ब्रह्माजी से अमरता का वरदान मांगा था तब मनुष्य और वानर के अतिरिक्त कोई मेरा वध न कर सके ऐसा कहा था क्योंकि मैं मनुष्य और वानर को तुच्छ समझता था। मेरी मेरी गलती हुई।रावण ने लक्ष्मण को तीसरी और अंतिम बात ये बताई कि अपने जीवन का कोई राज हो तो उसे किसी को भी नहीं बताना चाहिए। यहां भी मैं चूक गया क्योंकि विभीषण मेरी मृत्यु का राज जानता था। ये मेरे जीवन की सबसे बड़ी गलती थी।
इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन,रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रहरि,महामंत्री सुरेन्द्र गुप्ता,रविंद्र जायसवाल,रामेश्वर राय, रामलोचन तिवारी,पंकज उर्फ़ बुल्लू,आलोक कुमार अग्रहरि सहित अन्य गणमान्य मंचासीन रहे और कार्यक्रम सकुशल सम्पन्न कराया।संचालन रविंद्र जायसवाल, आलोक अग्रहरि ने संयुक्त रूप से किया।
सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन मुस्तैद रही। अपर जिलाधिकारी रोहित यादव (नमामि), तहसीलदार अंजनी गुप्ता,सीओ विनय प्रभाकर साहनी, प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ प्रताप सिंह,एसएसआई संजय सिंह, एसआई हरिकेश आजाद,महिला थाना प्रभारी संतु सरोज सहित भारी संख्या में पुलिस पीएसी के जवान डटे रहे।




