Sonbhadra News : एम्बुलेंस को बनाया नशे की 'गाड़ी', फर्श के नीचे छिपाई 81 किलो गांजे की खेप, एक गिरफ्तार
मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाली एम्बुलेंस को गांजा तस्करों ने नशे की खेप ढोने का जरिया बना दिया। तस्करों ने पुलिस की नजर से बचने के लिए एम्बुलेंस के फर्श के नीचे गुप्त कैबिनेट........

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2:52 PM, August 25, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाली एम्बुलेंस को गांजा तस्करों ने नशे की खेप ढोने का जरिया बना दिया। तस्करों ने पुलिस की नजर से बचने के लिए एम्बुलेंस के फर्श के नीचे गुप्त कैबिनेट तैयार कर रखा था। ‘ऑपरेशन शुद्धि’ के तहत हाथीनाला पुलिस और एएनटीएफ यूनिट लखनऊ की संयुक्त कार्रवाई में इस खेल का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने एम्बुलेंस से 81.300 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया। गांजा, एम्बुलेंस, मोबाइल और नकदी समेत बरामद माल की कुल अनुमानित कीमत करीब 48 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी ओबरा प्रभात राय के निर्देशन में कार्यवाही की गई।
एम्बुलेंस के फर्श में बना था तस्करी का 'तहखाना' -
24/25 अगस्त की रात एएनटीएफ लखनऊ को सूचना मिली कि उड़ीसा से एम्बुलेंस के जरिए गांजे की बड़ी खेप सुल्तानपुर ले जाई जा रही है। सूचना पर एएनटीएफ टीम ने हाथीनाला पुलिस के साथ दुद्धी मार्ग पर चेकिंग शुरू की। वहीं वहाँ से गुजर रहे संदिग्ध एम्बुलेंस को रोकने का प्रयास किया गया तो चालक भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान एम्बुलेंस के केबिन के फर्श पर लगी एल्यूमिनियम की चादर के नीचे गुप्त कैबिनेट मिला। इसे खोलने पर 36 टेपशुदा बंडलों में 81.300 किलो गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी की पहचान समीर सरकार (35वर्ष) निवासी फरक्का, मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई।
उड़ीसा से सुल्तानपुर जा रही थी खेप -
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गांजा उड़ीसा के संबलपुर से एम्बुलेंस में लोड कराया गया था और उसे सुल्तानपुर पहुंचाना था। वहां फोन पर संपर्क करने वाला व्यक्ति गांजा उतरवाता और बदले में आरोपी को रकम देता। आरोपी ने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर तस्करी करने और मुनाफा बांटने की बात भी बताई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक एंड्रॉयड मोबाइल और 1,100 रुपये नकद भी बरामद किए। एम्बुलेंस को भी जब्त कर लिया गया। पुलिस के अनुसार गांजे की कीमत करीब 41 लाख और एम्बुलेंस की कीमत करीब 7 लाख रुपये है।
अब एम्बुलेंस की भी होगी जांच - एएसपी अनिल कुमार
अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि "एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन वाहन का इस्तेमाल मादक पदार्थों की तस्करी में किया जाना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद पुलिस एम्बुलेंस वाहनों की भी जांच करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं अन्य वाहनों का इस्तेमाल भी तस्करी के लिए तो नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और तस्करी में किसी भी प्रकार से इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों व उससे जुड़े लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के आधार पर तस्करी के पूरे नेटवर्क और खेप भेजने-लेने वालों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।"
एम्बुलेंस की आड़ में तस्करी पर कसा शिकंजा -
हाथीनाला थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है साथ ही पुलिस तस्करी में इस्तेमाल एम्बुलेंस की जांच के साथ उसके संचालन, स्वामित्व और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। वहीं मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली एम्बुलेंस को नशे की खेप का वाहन बनाने वाले तस्करों की इस करतूत ने पुलिस को भी सतर्क कर दिया है। अब एम्बुलेंस की आड़ में चल रहे किसी भी संदिग्ध खेल पर पुलिस की और भी पैनी नजर रहेगी।




