Sonbhadra News : चौकी में दुर्व्यवहार और मारपीट का आरोप लगा आदिवासियों ने पुलिस के खिलाफ खोला मोर्चा
दुद्धी थाना क्षेत्र की अमवार चौकी पुलिस पर आदिवासी ग्रामीणों के साथ कथित अभद्रता, गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और मारपीट के आरोप ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए.....

सीओ कार्यालय में अमवार चौकी के पुलिसकर्मियों के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराते आदिवासी समाज के लोग.....
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7:26 AM, September 3, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । दुद्धी थाना क्षेत्र की अमवार चौकी पुलिस पर आदिवासी ग्रामीणों के साथ कथित अभद्रता, गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और मारपीट के आरोप ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीन विवाद में समझौता कराने के नाम पर चौकी बुलाए गए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वहां पहुंचने के बाद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिसे वे पुलिस की दबंगई और अपने सम्मान पर हमला मान रहे हैं। घटना से आक्रोशित दर्जनों आदिवासी ग्रामीणों ने आज सीओ दुद्धी के कार्यालय पहुंचकर शिकायती पत्र सौंपा और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की।
'समझौते' के लिए बुलाया, फिर कथित तौर पर बरसने लगीं गालियाँ -
ग्राम बघाडू निवासी बाबूलाल गोंड पुत्र स्व0 देवलाल गोंड द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के मुताबिक 2 सितंबर को जमीन विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए उन्हें और अन्य ग्रामीणों को अमवार चौकी बुलाया गया था। आरोप है कि चौकी पहुंचते ही पुलिसकर्मियों का रवैया कथित रूप से बदल गया और ग्रामीणों के साथ अभद्रता शुरू कर दी गई।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मां-बहन की गालियां देने के साथ कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, विरोध करने पर मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर कहा कि तुम्हारी इतनी औकात हो गई कि तुम साले भीड़ लेकर हमारे चौकी पर आ गए।
जब रक्षक ही बने भक्षक, आदिवासी समाज में आक्रोश -
जिस पुलिस से ग्रामीण कानून के संरक्षण और न्याय की उम्मीद करते हैं, उसी पर लगे इन आरोपों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि जमीन विवाद के समाधान के लिए बुलाए गए ग्रामीणों के साथ ही कथित तौर पर इस तरह का व्यवहार होगा तो आम गरीब और कमजोर तबके के लोग पुलिस के सामने अपनी बात कैसे रखेंगे? आदिवासी ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित रूप से दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
दर्जनों ग्रामीणों ने दर्ज कराया विरोध -
शिकायती पत्र पर रामसूरत, रामरतन, सुशीला देवी, निशा, मानती देवी, राधेश्याम, इन्द्रावती, रजनी, सत्यवन्ती देवी, पार्वत, अमर सिंह, रामजीत और निशा समेत दर्जनों ग्रामीणों ने अंगूठा निशान और हस्ताक्षर कर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
जांच के भरोसे टला मामला, रिपोर्ट का इंतजार -
मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी दुद्धी विनय प्रभाकर साहनी ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में आया है। इसकी जांच प्रभारी निरीक्षक दुद्धी को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।




