जिले में किसान सम्मान निधि के लिए 2.15 लाख किसान पंजीकृत हैं। शासन के निर्देश पर कृषि विभाग ने पंजीकृत किसानों का सत्यापन कराना शुरू किया था, जिसमें अब तक 50,740 लाभार्थी अपात्र पाए गए है। विभाग की तरफ से सत्यापन कराते हुए 21,018 अपात्रों की पहली सूची जनवरी 2026 में केंद्र सरकार को भेजी गई थी, जबकि दूसरी सूची मार्च 2026 के पहले सप्ताह में 29,722 अपात्रों की भेजी गई है। इस तरह से अब तक कुल 50,740 अपात्रों की सूची भेजी जा चुकी है। वहीं विभागीय जांच में चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसमें 2019 से अब तक 14020 मृत व्यक्तियों की भी पहचान भी उजागर हुई जो मृत हो चुके हैं फिर भी किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। 9422 लोगों ने दोहरा पंजीकरण करा रखा है, जबकि 591 आयकरदाता भी नियमों के विपरीत लाभ उठा रहे हैं। 569 मामलों में पति-पत्नी दोनों ने अलग-अलग आवेदन कर रखा है और सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। इतना ही नहीं, 110 नाबालिग भी इस योजना के लाभार्थी के रूप में दर्ज पाए गए साथ ही 33800 ऐसे लोग योजना का लाभ ले रहे थे, जिनके नाम पर कृषि भूमि ही नहीं है। जिन लोगों के पास कृषि भूमि थी भी तो यह बेच चुके हैं। कृषि विभाग ने सभी संदिग्ध खातों पर रोक लगाने और आगे की कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की है।