Sonbhadra News : पीएम किसान सम्मान निधि के लिए लाइन में लगे रहे 'जिंदा', 'मुर्दा' उठाते रहे लाभ
प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का कितना भी दावा कर ले, लेकिन हकीकत ये है कि सरकार के महत्वाकांक्षी योजनाओं को ही भ्रष्टाचार का दीमक चाट रहा है। जिले में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि....

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5:06 PM, March 20, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का कितना भी दावा कर ले, लेकिन हकीकत ये है कि सरकार के महत्वाकांक्षी योजनाओं को ही भ्रष्टाचार का दीमक चाट रहा है। जिले में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि जिंदा लोगों की तो बात छोड़िए, यहां मुर्दे भी पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। जिंदा और पात्र लोग जहां इस योजना का लाभ लेने के लिए कृषि विभाग का चक्कर काट रहे हैं, वहीं विभाग मुर्दों और अपात्रों पर मेहरबान है। इनके अलावा भूमिहीन, नाबालिग और आयकरदाता भी सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। सत्यापन में अपात्र मिले लोगों की सूची शासन में भेजी गई, माना जा रहा है कि अब इनकी सम्मान निधि राशि रोक दी जाएगी।
14 हजार से अधिक मुर्दे खा गए पीएम किसान सम्मान की निधि -
जिले में किसान सम्मान निधि के लिए 2.15 लाख किसान पंजीकृत हैं। शासन के निर्देश पर कृषि विभाग ने पंजीकृत किसानों का सत्यापन कराना शुरू किया था, जिसमें अब तक 50,740 लाभार्थी अपात्र पाए गए है। विभाग की तरफ से सत्यापन कराते हुए 21,018 अपात्रों की पहली सूची जनवरी 2026 में केंद्र सरकार को भेजी गई थी, जबकि दूसरी सूची मार्च 2026 के पहले सप्ताह में 29,722 अपात्रों की भेजी गई है। इस तरह से अब तक कुल 50,740 अपात्रों की सूची भेजी जा चुकी है। वहीं विभागीय जांच में चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसमें 2019 से अब तक 14020 मृत व्यक्तियों की भी पहचान भी उजागर हुई जो मृत हो चुके हैं फिर भी किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। 9422 लोगों ने दोहरा पंजीकरण करा रखा है, जबकि 591 आयकरदाता भी नियमों के विपरीत लाभ उठा रहे हैं। 569 मामलों में पति-पत्नी दोनों ने अलग-अलग आवेदन कर रखा है और सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। इतना ही नहीं, 110 नाबालिग भी इस योजना के लाभार्थी के रूप में दर्ज पाए गए साथ ही 33800 ऐसे लोग योजना का लाभ ले रहे थे, जिनके नाम पर कृषि भूमि ही नहीं है। जिन लोगों के पास कृषि भूमि थी भी तो यह बेच चुके हैं। कृषि विभाग ने सभी संदिग्ध खातों पर रोक लगाने और आगे की कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की है।
फार्मर रजिस्ट्री न कराने पर 35 हजार किसानों पर लटकी तलवार -
शासन की तरफ से फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य किए जाने के बावजूद जिले के करीब 35 हजार किसानों ने अब तक पंजीकरण नहीं कराया है। ऐसे में इन किसानों की भी आने वाली किस्त अटक सकती है। कृषि विभाग की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि योजना का लाभ जारी रखने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है। किसानों से अपील भी की जा रही है कि वे जल्द से जल्द अपना पंजीकरण कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
क्या बोले अधिकारी -
वहीं उप कृषि निदेशक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि "व्यापक सत्यापन अभियान में अपात्र पाए गए 50 हजार से अधिक लाभार्थियों की सूची शासन को भेज सम्मान निधि की किस्तें रोकने के लिए संस्तुति की गई है। शासन के आदेश के अनुसार अग्रिम कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।"



