Sonbhadra News : बारिश के बीच नदियों के बढ़ते जलस्तर से जिले में अलर्ट, ओबरा बांध पर प्रशासन की पैनी नजर
जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच नदियों और जलाशयों के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। ओबरा बांध के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने की स्थिति में...

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12:20 PM, August 27, 2026
आनन्द कुमार चौबे/घनश्याम पांडेय (संवाददाता)
• बांध का जलस्तर बढ़ने पर खुल सकते हैं गेट
• सोन नदी किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता
सोनभद्र । जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच नदियों और जलाशयों के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। ओबरा बांध के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने की स्थिति में बांध की सुरक्षा के लिए गेट खोले जा सकते हैं। ऐसे में रेणु नदी के रास्ते सोन नदी में पानी पहुंचने से नदी का जलस्तर बढ़ने और किनारे बसे निचले इलाकों में पानी पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
जलस्तर बढ़ने पर खोले जा सकते ओबरा बांध के गेट -
ओबरा बांध का पूर्ण जलस्तर 193.24 मीटर है, जबकि जलाशय की पूर्ण क्षमता 211.00 घन मीटर है। भारी बारिश के कारण बांध का जलस्तर बढ़ने पर सुरक्षा के दृष्टिगत गेट खोले जा सकते हैं। गेट खुलने के बाद बांध से निकलने वाला पानी रेणु नदी के माध्यम से करीब 11 किलोमीटर की दूरी तय कर सोन नदी में प्रवाहित होता है। इससे सोन नदी के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है।
इन गांवों पर रहेगा विशेष ध्यान -
संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए नदी किनारे स्थित चंचलिया पनारी के गुडूर टोला एवं चकाड़ी टोला, खेवंधा, बिल्ली मारकुंडी के खैरटिया, बर्दीया, महलपुर, गोठानी और सिंदुरिया को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। इसके अलावा थाना जुगैल, थाना ओबरा और थाना चोपन क्षेत्र में नदी किनारे बसे आबादी वाले इलाकों में भी लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से संभावित प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी रखने के साथ ही लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए तैयार रहने की अपील की गई है।
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव - डीएम
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि "लगातार बारिश के बीच जिले की प्रमुख नदियों और जलाशयों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ओबरा बांध की स्थिति पर भी प्रशासन की नजर है। उन्होंने कहा कि संभावित स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की कि वे जलस्तर बढ़ने पर नदी, घाट और जलाशय के आसपास जाने से बचें। किसी भी तरह की चेतावनी मिलने पर प्रशासन के निर्देशों का तत्काल पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।"
चेतावनी को गंभीरता से लें - एसपी
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कहा कि "नदी किनारे बसे क्षेत्रों में पुलिस की ओर से भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिसकर्मियों को स्थानीय स्तर पर लोगों को जागरूक करने और किसी भी संभावित आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आमजन से अपील किया कि सायरन, लाउडस्पीकर अथवा प्रशासन-पुलिस की ओर से जारी किसी भी चेतावनी को गंभीरता से लें। आवश्यकता पड़ने पर बिना देरी किए सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से नदी, घाट और जलाशय के आसपास न जाने दें।"
नदी-घाटों से बनाए रखें दूरी -
बारिश के दौरान नदी का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों से नदी में उतरने, तेज बहाव के पास जाने और घाटों पर अनावश्यक भीड़ लगाने से बचने को कहा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी आपात स्थिति में लोग नजदीकी थाना, चौकी अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल सूचना दें।




