Sonbhadra News : AI अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था शातिर, युवक के सुसाइड मामले में इनामिया साइबर ठग राजस्थान से गिरफ्तार
सस्ते लैपटॉप का लालच देकर साइबर जाल में फंसाना, फिर टैक्स और प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर रकम ऐंठना और मोबाइल का एक्सेस हासिल कर AI की मदद से अश्लील वीडियो तैयार कर ब्लैकमेल करने वाले 25 हजार के.......

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4:54 PM, August 22, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सस्ते लैपटॉप का लालच देकर साइबर जाल में फंसाना, फिर टैक्स और प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर रकम ऐंठना और मोबाइल का एक्सेस हासिल कर AI की मदद से अश्लील वीडियो तैयार कर ब्लैकमेल करने वाले 25 हजार के इनामिया साइबर ठग को सोनभद्र पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से ठगी में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिमकार्ड और 1,050 रुपये नकद बरामद हुए हैं।
पुलिस लाइन सभागार में शनिवार को अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ऋषभ रुणवाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान वारिस खान पुत्र खुर्शीद खान, निवासी पड़ासला, थाना किशनगढ़बास, जिला खैरतल-तिजारा, राजस्थान, उम्र करीब 20 वर्ष के रूप में हुई है। आरोपी थाना बीजपुर में धारा 108, 308(2) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत वांछित था।
फेसबुक पर सस्ते लैपटॉप का विज्ञापन, फिर शुरू हुआ ठगी का खेल -
अपर पुलिस अधीक्षक ऋषभ रुणवाल ने बताया कि "मामला पांच जून 2026 का है। बीजपुर थाना क्षेत्र के मेमना गांव निवासी प्रवेश कुमार ने आत्महत्या कर ली थी। जांच के दौरान परिजनों ने पुलिस को बताया कि प्रवेश को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से लगातार कॉल आ रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मृतक के मोबाइल और बैंक खातों की जांच साइबर सेल से कराई। साइबर विश्लेषण में सामने आया कि प्रवेश को अलवर, राजस्थान से कॉल की जा रही थी और उसके बैंक खाते से भी धनराशि राजस्थान भेजी जा रही थी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना, बभनी और बीजपुर पुलिस की संयुक्त टीम राजस्थान रवाना हुई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।"
मोबाइल का एक्सेस लेकर AI से बनाया अश्लील वीडियो -
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसने फेसबुक पर सस्ते लैपटॉप का विज्ञापन दिया था। प्रवेश ने लैपटॉप खरीदने के लिए उससे संपर्क किया। इसके बाद आरोपी ने सामान भेजने, टैक्स और प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर रकम वसूली। आरोप है कि इसके बाद लिंक भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल किया गया। मोबाइल में मौजूद डाटा का इस्तेमाल कर AI की मदद से अश्लील वीडियो तैयार किया गया और उसे परिजनों, रिश्तेदारों तथा मित्रों को भेजने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया। पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम से आहत होकर प्रवेश ने आत्महत्या कर ली।
अगले दिन फोन नहीं उठा तो बंद कर दिए मोबाइल -
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि अगले दिन जब प्रवेश का फोन नहीं उठा तो उसे किसी अप्रिय घटना का अंदेशा हो गया। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मोबाइल बंद कर दिए। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि प्रवेश से ठगी गई रकम में से कुछ पैसा उसने निकालकर खर्च किया था और 1,050 रुपये शेष बचे थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया।
चार राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क -
जांच में आरोपी द्वारा पूर्व में अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिग हरियाणा में टेलीग्राम टास्क फ्रॉड के जरिए 15,740 रुपये, गुजरात में कस्टमर केयर बनकर 3,860 रुपये, राजस्थान में लैपटॉप बेचने के नाम पर 13,327 रुपये और पश्चिम बंगाल में पुराने नोट बदलकर नई करेंसी देने के नाम पर 50,950 रुपये की ठगी की गई।
UPI और MobiKwik Wallet ने खोल दी ठग की पोल -
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद मोबाइल की तकनीकी जांच की तो वह मुकदमे में बेनिफिशियरी UPI लिंक मोबाइल पाया गया। मोबाइल में ठगी की रकम प्राप्त होने के साक्ष्य मिले। MobiKwik Wallet की जांच में भी पांच जून 2026 को संबंधित धनराशि प्राप्त होना पाया गया। पुलिस ने मोबाइल फोन, सिमकार्ड और 1,050 रुपये नकद को कब्जे में लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अभियुक्त की गिरफ्तारी में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल -
इस दौरान थाना बभनी के प्रभारी निरीक्षक अरविन्द कुमार सरोज, साइबर क्राइम थाना के उपनिरीक्षक आशीष पटेल, हेड कांस्टेबल लाला सोनकर और हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार सिंह शामिल रहे।




