Sonbhadra News : अहिल्याबाई होल्कर ने धर्म संस्कृति के गौरव को किया था पुनर्जीवित - नन्दलाल
आज लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जन्म त्रिशताब्दी वर्ष के अंतर्गत राबर्ट्सगंज विकास खंड सभागार में संगोष्ठी संपन्न हुई। संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल मौजूद रहे। संगोष्ठी का....

गोष्ठी को सम्बोधित करते भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल......
sonbhadra
3:03 PM, May 30, 2025
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• अहिल्याबाई होल्कर को माना जाता है महिला सशक्तिकरण का प्रतीक - अजीत रावत
सोनभद्र । आज लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जन्म त्रिशताब्दी वर्ष के अंतर्गत राबर्ट्सगंज विकास खंड सभागार में संगोष्ठी संपन्न हुई। संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल मौजूद रहे। संगोष्ठी का शुभारंम्भ पं0 दीनदयाल उपाध्याय व डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि कर किया। वहीं संगोष्ठी का संचालन जिला महामंत्री महिला मोर्चा गुड़िया त्रिपाठी ने किया।
मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल ने कहा कि "महिला सशक्तिकरण के लिए महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने महिलाओं की मान सम्मान को बढ़ाने के उद्देश्य से नारी शिक्षा पर जोर दिया। इससे पहले महिलाओं को केवल घरों में थोड़ा बहुत पढ़ाने का चलन था जिसे आगे बढ़ाते हुए स्कूल शिक्षा तक बढ़ाने में विस्तार किया गया। विधवा महिलाओं को यह अधिकार छोड़ी गई संपत्ति को उत्तराधिकारी होगी एवं अपनी इच्छा अनुसार उसका उपयोग भी कर सकेंगी उन्होंने महिला सशक्तिकरण का प्रतीक माना है।"
संगोष्ठी में वक्ता रचना तिवारी ने कहा कि "लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की पहचान भारतीय इतिहास में सनातन धर्म की संरक्षिका जानी जाती है, जिनका सम्पूर्ण जीवन अध्यात्म का धर्म और सुशासन का अनुपम संगम था। मंदिरों का जीर्णाेद्धार मध्यकाल की विषम परिस्थितियों में लोक माता अहिल्याबाई होल्कर अपने अद्म्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुए मुगल आक्रांताओं द्वारा विध्वंस किए गए मंदिरों का पुनर्गठन निर्माण कराया। उन्होंने कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक खंडित हुए मंदिरों का न केवल जीर्णाेद्धार कराया अपितु सनातन धर्म संस्कृति के गौरव को पुनर्जीवित किया उनके द्वारा किए गए मंदिर पुन्ह निर्मित कराया।"




