Sonbhadra News : कोन में महिला की मौत के बाद प्रशासन का फिर आया रटारटाया जबाब और कार्यवाही
पूर्व में झोलाछाप के नोडल रहे गुरु प्रसाद मौर्या ने खुद एक बयान में, माना था कि स्वास्थ्य विभाग में बहुत बड़ा रैकेट काम कर रहा है। उन्होंने खुद माना था कि कार्यवाही से पहले अस्पताल संचालक को छापेमारी

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11:29 PM, May 30, 2026
- आखिर जिले में कैसे चल रहा अवैध अस्पताल
- जब तक अवैध अस्पताल पर जिम्मेदारी तय नहीं होगी, चलता रहेगा खेला
- अस्पताल संचालक के साथ जिम्मेदार पर कब होगी कार्यवाही
- हर बार होती है सील की कार्यवाही, फिर A से चलता है अस्पताल
- सिर्फ दिखावे के लिए होती है सील की कार्यवाही, अंदर चलता है अस्पताल
- अस्पताल सील, संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज
शांतनु कुमार
सोनभद्र । जनपद में बिना पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित ग्लोबल हॉस्पिटल, कोन में प्रसव के दौरान एक महिला की मौत के मामले को जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने गंभीरता से लेते हुए भले ही तत्काल जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए हों । मगर यह घटना न कोई पहली बार हुआ है और आगे न हो इसकी कोई ठोस रणनीति बनी। पूर्व में झोलाछाप के नोडल रहे डा0 गुरु प्रसाद मौर्या ने खुद एक बयान में, माना था कि स्वास्थ्य विभाग में बहुत बड़ा रैकेट काम कर रहा है। उन्होंने खुद माना था कि कार्यवाही से पहले अस्पताल संचालक को छापेमारी की जानकारी हो जाती है।
ग्लोबल हॉस्पिटल में भी यही हुआ घटना के बाद चिकित्सक सहित अन्य फरार हो गए। लेकिन यहाँ सवाल यह उठता है कि यदि, अस्पताल अवैध था तो आखिर किसके आशीर्वाद से चल रहा था । क्योंकि यदि अस्पताल बन्द होता तो वहाँ न प्रसूति महिला जाती और न उसकी जान जाती। जिलाधिकारी भले ही तत्काल जांच का निर्देश दिया हो लेकिन जरूरी यह भी है कि इसमें स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए कि आखिर जिले में अवैध या सील बन्द अस्पताल कैसे संचालित हो रहे हैं। सूत्रों की माने तो घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यवाही इतनी हल्की होती है कि विवादित अस्पताल कुछ दिनों में खुल जाते हैं। और जो नहीं खुलते वे अधिकारियों की मेहरबानी से खुल जाते हैं। ऐसे में जितना दोषी अस्पताल संचालक है उससे कहीं ज्यादे स्वास्थ्य अधिकारी जिम्मेदार हैं जिन्हें इस तरह के अवैध कामों को रोकने के लिए नियुक्त किया गया है।
आपको बता दें कि सीमा पत्नी देवनारायण, निवासी सोना सिंगा, पोस्ट बागसोडी, थाना कोन, प्रसव हेतु कचनरवा पीएचसी पहुंची थीं। प्राथमिक जांच के उपरांत उन्हें एम्बुलेंस 108 के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोन के लिए रेफर किया गया था, किन्तु एम्बुलेंस के ईएमटी द्वारा मरीज को निर्धारित स्वास्थ्य केन्द्र के स्थान पर बिना पंजीकरण के संचालित ग्लोबल हॉस्पिटल पहुंचा दिया गया। आरोप है कि अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान महिला की मृत्यु हो गई, जिसके बाद संबंधित चिकित्सक मौके से फरार हो गए। जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कीर्ति आजाद बिन्द तथा क्षेत्राधिकारी कोन ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान मृतका के शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया तथा अवैध रूप से संचालित ग्लोबल हॉस्पिटल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। साथ ही अस्पताल के संचालक नसीम अहमद के विरुद्ध संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए विधिक कार्रवाई प्रारम्भ कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध रूप से संचालित चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी तथा दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।




