Sonbhadra News : प्रधानमंत्री की अपील के बाद राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड टोटो से पहुंचे सीएचसी चोपन
राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन की खपत कम करने के संदेश से प्रेरित होकर ई-रिक्शा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन पहुंचे। उनके साथ सुरक्षाकर्मी और भाजपा नेता भी थे।

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8:25 PM, May 17, 2026
घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)
चोपन (सोनभद्र)। समाजकल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन की खपत कम करने के संदेश से प्रेरित होकर ई-रिक्शा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन पहुंचे। उनके साथ सुरक्षाकर्मी और भाजपा नेता भी थे। मंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल जाना और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान राज्यमंत्री ने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मंत्री ने साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई अव्यवस्थाएं पाए जाने पर राज्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। मंत्री गोंड ने जोर देकर कहा कि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से डीजल और पेट्रोल की खपत कम करने तथा इलेक्ट्रिक वाहनों व सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से जनप्रतिनिधियों ने भी इस दिशा में पहल शुरू की है। मंत्री ने घोषणा की कि जनप्रतिनिधि सप्ताह में दो दिन इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करेंगे और एक दिन बस से यात्रा करेंगे, ताकि देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग मिल सके। मंत्री ने युवाओं से भी प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने में भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने के लिए ऊर्जा बचत अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें युवाओं की भूमिका अहम होगी। राज्यमंत्री के टोटो से अस्पताल पहुंचने की यह पहल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय रही और इसे ईंधन बचत तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संदेश बताया गया।




