Sonbhadra News : वनाधिकार पट्टाधारकों को नोटिस जारी करने के बाद आदिवासियों में आक्रोश, कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
वनाधिकार पट्टाधारकों को नोटिस जारी किए जाने के विरोध में आज ससनई गांव के ग्रामीणों ने किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन....

वनाधिकार पट्टाधारकों को नोटिस जारी करने के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते आदिवासी....
sonbhadra
4:52 PM, July 24, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• बोले - अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आखिरी दम तक करेंगे संघर्ष
सोनभद्र । वनाधिकार पट्टाधारकों को नोटिस जारी किए जाने के विरोध में आज ससनई गांव के ग्रामीणों ने किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने जिलाधिकारी चर्चित सिंह गौड़ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिला प्रशासन जनता का नहीं, बल्कि कंपनी का हित साधने में जुटा है।
मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने आरोप लगाया कि "जिन वनवासी एवं आदिवासी परिवारों को वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत वैधानिक रूप से भूमि के पट्टे दिए गए थे, आज उन्हीं परिवारों को कंपनी स्थापित कराने के लिए नोटिस थमाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह वनाधिकार कानून की मूल भावना के खिलाफ है और आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है।"
उन्होंने कहा कि "जिला प्रशासन कंपनी के करिंदे की तरह काम कर रहा है। वनवासियों और आदिवासियों की आवाज सुनने के बजाय उन्हें उनकी ही जमीन से बेदखल करने की तैयारी की जा रही है। यदि किसी भी वनाधिकार पट्टाधारक को उसकी जमीन से हटाने की कोशिश हुई तो किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ाई लड़ेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।"
वहीं ग्रामीण कन्हैयालाल चेरो ने कहा कि "हम अपनी पट्टे की जमीन किसी भी कीमत पर कंपनी को नहीं देंगे। चाहे हमारी जान चली जाए, लेकिन अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे।"
वहीं ज्ञानमती देवी ने कहा कि "जिलाधिकारी चाहे जितने नोटिस जारी कर दें, हम अपनी जमीन नहीं देंगे। अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आखिरी दम तक संघर्ष करेंगे।"
उन्होंने संदीप मिश्रा ने बताया कि "किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा लंबे समय से "पेड़ है तो प्राण है" अभियान के माध्यम से जंगल, जल, जमीन और आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कंपनी लगाने के नाम पर वनाधिकार पट्टाधारकों के अधिकारों का हनन किया गया तो पूरे जिले में व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।"
इस दौरान विजय चेरो, राजेश चेरो, दिनेश चेरो, बिंदू खरवार, मुखलाल चेरो, उमाशंकर यादव, राजू पासवान सहित सैकड़ों आदिवासी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।




