Sonbhadra News : सीएमओ के बाद अब एसीएमओ ने निभाया डॉक्टर धर्म, खुद संभाली ओटी और सुरक्षित कराया प्रसव
पिछड़े जिले में शामिल जनपद सोनभद्र का स्वास्थ्य विभाग इन दिनों सिर्फ प्रशासनिक सख्ती ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और चिकित्सकीय दायित्वों के निर्वहन को लेकर भी चर्चा में है। एक दिन पहले जहां......

ऑपरेशन से प्रसव कराते एसीएमओ और नोडल अधिकारी डॉ0 गुलाब शंकर यादव व अन्य चिकित्सक........
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12:28 AM, July 31, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । अति पिछड़े जिले में शामिल जनपद सोनभद्र का स्वास्थ्य विभाग इन दिनों सिर्फ प्रशासनिक सख्ती ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और चिकित्सकीय दायित्वों के निर्वहन को लेकर भी चर्चा में है। एक दिन पहले जहां मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने चोपन में एनेस्थेटिस्ट की भूमिका निभाते हुए एक जटिल ऑपरेशन में डॉक्टर धर्म का निर्वहन किया था, वहीं अगले ही दिन अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं निजी हॉस्पिटल पंजीकरण के नोडल अधिकारी डॉ0 गुलाब शंकर यादव ने भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए खुद ऑपरेशन थिएटर की कमान संभालकर एक प्रसूता का सफलतापूर्वक सुरक्षित प्रसव कराया। दोनों अधिकारियों की इस कार्यशैली की जिलेभर में सराहना हो रही है।
जानकारी के अनुसार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 गुलाब शंकर यादव जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र म्योरपुर पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान ही एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल लाया गया। चिकित्सकीय परीक्षण में सामान्य प्रसव संभव न होने पर तत्काल ऑपरेशन की आवश्यकता बताई गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉ0 गुलाब शंकर यादव ने बिना किसी औपचारिकता की परवाह किए स्वयं ऑपरेशन थिएटर की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने चिकित्सकों की टीम के साथ मिलकर सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया, जिसके बाद जच्चा और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ पाए गए। सुरक्षित प्रसव के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया।
बताते चलें कि एक दिन पूर्व सीएचसी चोपन में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने भी एनेस्थेटिस्ट की भूमिका निभाते हुए एक जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने में अहम योगदान दिया था। लगातार दो दिनों में जिले के दो शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारियों का प्रशासनिक दायित्वों से आगे बढ़कर सीधे ऑपरेशन थिएटर में उतरना स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली और सेवा भावना का सकारात्मक संदेश माना जा रहा है।
इस अवसर पर डॉ0 गुलाब शंकर यादव ने कहा कि "एक चिकित्सक का पहला धर्म मरीज की जान बचाना और उसे बेहतर उपचार देना है। मैं यहां प्रशासनिक कार्य से आया था, लेकिन जब एक प्रसूता को तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता महसूस हुई तो अपने दायित्व का निर्वहन करना मेरा कर्तव्य था। हमारी पूरी कोशिश रहती है कि किसी भी मरीज को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित हो। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं, यही हमारे लिए सबसे बड़ी संतुष्टि है।"




