Sonbhadra News :अंधाधुंध बिजली कटौती को लेकर फूटा अधिवक्ताओं का गुस्सा, तहसील मुख्यालय पर किया एसडीएम का घेराव
अंधाधुंध बिजली कटौती को लेकर फूटा अधिवक्ताओं का गुस्सा, तहसील मुख्यालय पर किया एसडीएम का घेराव

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8:54 PM, August 12, 2026
अंधाधुंध बिजली कटौती को लेकर फूटा अधिवक्ताओं का गुस्सा, तहसील मुख्यालय पर किया एसडीएम का घेराव
दुद्धी, सोनभद्र। पिछले कई दिनों से जारी अघोषित और अंधाधुंध बिजली कटौती को लेकर स्थानीय अधिवक्ताओं का गुस्सा चरम पर पहुंच गया। इस गंभीर समस्या से आक्रोशित सिविल और दुद्धी बार एसोसिएशन से जुड़े दर्जनों अधिवक्ताओं ने तहसील पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय का घेराव किया। वकीलों ने विभागीय अधिकारियों की ढीली कार्यप्रणाली के खिलाफ कड़ा असंतोष व्यक्त करते हुए बिजली विभाग के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
दुद्धी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण पाण्डेय व सिविल बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यनारायण यादव की संयुक्त अगुवाई में कचहरी परिसर से अधिवक्ताओं का हुजूम तहसील पहुंचा जहाँ एसडीएम न्यायालय पहुंचकर कर एसडीएम न्यायालय का घेराव करते हुए बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को तत्काल तलब करने की मांग पर अड़ गए। न्यायालय में ही काफ़ी देर वार्ता होती रही। बात बढ़ते देख एसडीएम न्यायालय से अधिवक्ताओं को कार्यालय बुलाकर वार्ता की। अधिवक्ता नेताओं ने कहा कि दुद्धी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है। भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों तक बिजली गुल रहने से न सिर्फ आम जनता त्रस्त है, बल्कि कचहरी परिसर में न्यायिक कार्य और रजिस्ट्री का काम भी पूरी तरह ठप हो रहा है। इनवर्टर और जनरेटर पूरी तरह जवाब दे चुके हैं, जिससे दूर-दराज से आए वादकारियों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है। बार-बार शिकायत के बाद भी विद्युत उपखंड के जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
शीघ्र सुधार न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी-
घेराव के दौरान अधिवक्ताओं ने एसडीएम अशोक गुप्ता एवं डीएसपी विनय प्रभाकर साहनी से मांग किया कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की जाय।अधिवक्ताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर अघोषित बिजली कटौती पर रोक नहीं लगी और आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो समस्त अधिवक्ता न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार कर चक्का जाम और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए बाध्य होंगे।
अधिवक्ताओं के तीखे तेवर और जायज मांग को देखते हुए एसडीएम अशोक गुप्ता ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि वह जल्द ही बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ एक समन्वय बैठक करेंगे, ताकि तकनीकी खामियों और कमियों को फौरन दूर किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिया कि शासन के मंशानुरूप और शासनादेश के अनुसार तहसील मुख्यालय पर रोस्टर के अनुरूप निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी। एसडीएम से मिले इस ठोस आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं का आक्रोश शांत हुआ और उन्होंने अपना घेराव समाप्त किया।
इस मौके पर प्रेमचंद यादव,पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, रामजी पाण्डेय, रामपाल जौहरी, अरुणोदय जौहरी सहित काफी संख्या में वरिष्ठ व कनिष्ठ अधिवक्तागण मौजूद रहे।




