Sonbhadra News : 'मरीज माफियाओं' पर चला प्रशासन का हंटर, ताबड़तोड़ छापेमारी में निजी अस्पतालों की खुली पोल
सरकारी अस्पतालों से मरीजों को निजी अस्पतालों तक पहुंचाने के कथित खेल और इलाज के दौरान हुई मौत के बाद आखिरकार जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग एक्शन मोड में नजर आया। लंबे समय से मानकों को ताक पर रखक....

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sonbhadra
5:38 PM, June 30, 2026
आनन्द कुमार चौबे/रमेश कुमार (संवाददाता)
• संयुक्त टीम की कई अस्पतालों पर कार्यवाही से मचा हड़कंप
• सीज अस्पतालों में होता मिला मरीजों का इलाज
दुद्धी । सरकारी अस्पतालों से मरीजों को निजी अस्पतालों तक पहुंचाने के कथित खेल और इलाज के दौरान हुई मौत के बाद आखिरकार जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग एक्शन मोड में नजर आया। लंबे समय से मानकों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे निजी अस्पतालों पर आज उपजिलाधिकारी निखिल यादव, नोडल अधिकारी डॉ0 गुलाब शंकर यादव, सीएचसी अधीक्षक डॉ0 शाह आलम, बीपीएम संदीप सिंह, कस्बा इंचार्ज अमित कुमार सिंह की संयुक्त टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कई ऐसे खुलासे हुए, जिन्होंने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। कहीं सील अस्पताल के आसपास गतिविधियां मिलीं तो कहीं बिना सूचना के मरीज भर्ती मिले। एक अस्पताल में बाहर ताला बंद था, लेकिन अंदर मासूम बच्चे का इलाज चलता मिला। कार्रवाई के बाद पूरे दुद्धी क्षेत्र में निजी अस्पताल संचालकों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
मरीज की मौत के बाद टूटी स्वास्थ्य विभाग की नींद -
बताते चलें कि कुछ दिन पहले सरकारी अस्पताल से घायल मरीज को कथित रूप से निजी अस्पताल ले जाने और इलाज के दौरान उसकी मौत के बाद शव को दोबारा सरकारी अस्पताल छोड़ देने की घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। मामला तूल पकड़ने के बाद प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और निजी अस्पतालों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू कर दिया।
सील अस्पताल में फिर मिली गतिविधियां -
संयुक्त टीम सबसे पहले रेलवे स्टेशन रोड स्थित पहले से सील किए जा चुके समृद्धि अस्पताल पहुंची। जांच के दौरान अस्पताल के आसपास संदिग्ध गतिविधियों और स्टाफ की मौजूदगी की सूचना पर अधिकारियों ने मौके पर पूछताछ की। संबंधित कर्मचारियों को कोतवाली भेजकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।
अनियमितता मिलने पर ऑपरेशन थिएटर सील -
इसके बाद टीम ने सेवा सदन अस्पताल में अभिलेखों की जांच की। वहीं शिवा अस्पताल में कई मरीज भर्ती मिले। अस्पताल शिफ्टिंग की सूचना विभाग को न देने और ऑपरेशन थिएटर में निर्धारित मानकों का पालन न होने पर नोडल अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल ऑपरेशन थिएटर सील करने की कार्रवाई की।
बाहर ताला... अंदर चल रहा था बच्चे का इलाज -
कार्रवाई का सबसे चौंकाने वाला मामला इंडियन बैंक के सामने स्थित एक निजी अस्पताल में सामने आया। बाहर से अस्पताल बंद था, लेकिन संदेह होने पर टीम अंदर पहुंची तो वहां एक गरीब आदिवासी परिवार का बच्चा भर्ती मिला। यह देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। कार्रवाई के दौरान बच्चे की मां रोने लगी, जिसे अधिकारियों ने भरोसा दिलाकर सरकारी अस्पताल भेजा।
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा - एसडीएम
उपजिलाधिकारी निखिल यादव ने कहा कि "मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। बिना मानक संचालित अस्पतालों, अवैध इलाज और नियमों के उल्लंघन के मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।"
गंभीर अनियमितता मिलने पर होगा पंजीयन निरस्त -
नोडल अधिकारी डॉ0 गुलाब शंकर यादव ने बताया कि "निरीक्षण के दौरान कई कमियां सामने आई हैं। जिन अस्पतालों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं मिला, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई है। कुछ मामलों की विस्तृत जांच कराई जा रही है। यदि जांच में और गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित अस्पतालों का पंजीकरण निरस्त कराने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।"




