Sonbhadra News : श्रावण मास को लेकर प्रशासन-पुलिस अलर्ट, शिवालयों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था होगी चाक-चौबंद
आगामी श्रावण मास में जिले के प्रमुख शिवालयों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। सोमवार को पुलिस लाइन स्थित कांफ्रेंस हॉल में..….

sonbhadra
11:45 PM, July 27, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आगामी श्रावण मास में जिले के प्रमुख शिवालयों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। सोमवार को पुलिस लाइन स्थित कांफ्रेंस हॉल में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें श्रावण मास के दौरान सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, यातायात पुलिस, विद्युत, जल संस्थान, लोक निर्माण विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों से उनके विभागों की तैयारियों की जानकारी लेने के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने निर्देश दिए कि सभी प्रमुख शिवालयों और संपर्क मार्गों पर पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने सभी क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि प्रमुख मंदिरों और मेला क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस कर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई जाए तथा संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी रखते हुए किसी भी अफवाह, अव्यवस्था या असामाजिक गतिविधि पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए।
बैठक में यातायात व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संभावित भीड़ को देखते हुए पहले से ही प्रभावी डायवर्जन प्लान तैयार कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। प्रमुख मार्गों पर यातायात पुलिस की पर्याप्त तैनाती, पार्किंग स्थलों का समुचित निर्धारण, पैदल और वाहनों के लिए अलग-अलग व्यवस्था तथा आपातकालीन सेवाओं के लिए ग्रीन कॉरिडोर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रमुख मंदिरों एवं मेला स्थलों पर चिकित्सा दल, एंबुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं नगर निकाय, विद्युत, जल संस्थान और लोक निर्माण विभाग को भी अपनी सभी तैयारियां समय से पूरी करने के लिए कहा गया।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और शांतिपूर्ण दर्शन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें, ताकि श्रावण मास के सभी धार्मिक आयोजन सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराए जा सकें।




