Sonbhadra News : रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के बीच वैकल्पिक मार्ग को लेकर उलझा प्रशासन, हर दिन जनप्रतिनिधि दे रहे नये सुझाव
रावर्ट्सगंज रेलवे ओवरब्रिज निर्माण शुरू होते ही लोगों समस्यायें भी बढ़ने लगी हैं। आये दिन लोग जाम की समस्या से जूझ रहे हैं।

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6:32 PM, July 29, 2026
- क्या तय समय पर पूरा हो सकेगा प्रोजेक्ट
शांतनु कुमार
सोनभद्र। रावर्ट्सगंज रेलवे ओवरब्रिज निर्माण शुरू होते ही लोगों समस्यायें भी बढ़ने लगी हैं। आये दिन लोग जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही स्थानीय लोग वैकल्पिक मार्ग की मांग कर रहे थे ताकि निर्माण कार्य के साथ उनकी रफ्तार न थमे। लेकिन न प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और न जनप्रतिनिधियों ने, लिहाजा बरसात शुरू होते ही रोज आने-जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गयी। पहले रेलवे फाटक के बगल से दो पहिया वाहन और राहगीरों के चलने की व्यवस्था दी गयी थी जबकि चार पहिया वाहन व अन्य बड़े वाहनों के लिए रूट डायवर्जन किया गया था। लेकिन लोगों की बढ़ती नाराजगी व परेशानी को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने फिर से जिला प्रशासन को अन्य और वैकल्पिक मार्ग का सुझाव दिया और दबाव बनाया कि इसे जल्द से जल्द पूरा करा दिया जाय ताकि लोगों को आने जाने में सुविधा हो। जिसके बाद प्रशासन एक बार फिर रेलवे फाटक के पास अतिक्रमण हटाकर दोनों पटरियों को थोड़ा-थोड़ा चौड़ा किया, और कहा गया कि दो पहिया के साथ अब चार पहिया वाहन भी निकल सकेगा। लेकिन प्रशासन जिस मार्ग को बनवाने में जुटा हुआ है लोग उसे भी उपयुक्त नहीं बता रहे हैं, उनका कहना है पटरी रास्ते में नाली के उपर ढक्कन लगा हुआ है, जैसे ही चार पहिया वाहन उसके उपर से गुजरेगी, टूटकर बड़ा घटना घटित कर सकता है। ऐसे में एक बार फिर मंगलवार को सदर विधायक रेलवे ओवरब्रिज निर्माण स्थल पहुंचकर फिर नये वैकल्पिक मार्ग को सुझाया।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब रेलवे विभाग महीने भर से वैकल्पिक मार्ग में ही उलझा हुआ है तो तय समय में प्रोजेक्ट कैसे पूरा कर सकेगा ।
बड़ा सवाल यह भी है कि जब लोग शुरू में वैकल्पिक मार्ग की मांग कर रहे थे तब जनप्रतिनिधि अधिकारियों को वे वैकल्पिक मार्ग क्यों नहीं सुझाए, जो अब सुझाए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर रेलवे द्वारा निर्मणाधीन ओवरब्रिज निःसंदेह महत्वपूर्ण है लेकिन प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि प्रोजेक्ट तय समय पर पूरा हो, ताकि लोगों की परेशानी कम किया जा सके।




