Sonbhadra News : बाल विवाह के खिलाफ एक्शन, चाइल्ड हेल्पलाइन ने बचाया बचपन
अति पिछड़े जनपद सोनभद्र में आज भी बाल विवाह जैसी कुप्रथा बच्चों के सपनों पर भारी पड़ रही है। लेकिन जागरूकता और समय पर कार्रवाई हो तो न सिर्फ एक शादी रुकती है, बल्कि एक जिंदगी बनती है। कुछ ऐसा ही......

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9:47 AM, April 28, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । अति पिछड़े जनपद सोनभद्र में आज भी बाल विवाह जैसी कुप्रथा बच्चों के सपनों पर भारी पड़ रही है। लेकिन जागरूकता और समय पर कार्रवाई हो तो न सिर्फ एक शादी रुकती है, बल्कि एक जिंदगी बनती है। कुछ ऐसा ही उदाहरण चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की टीम ने पेश किया।
जिले के दुद्धी और विंधमगंज थाना क्षेत्रों में बाल विवाह की दो अलग-अलग सूचनाओं पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालिका का विवाह रुकवा दिया, जबकि दूसरी सूचना में बालिका बालिग पाई गई।
परियोजना समन्वयक मुकेश कुमार सिंह के संज्ञान में मामला आते ही टीम को सक्रिय किया गया। ग्राम धूमा थाना विंधमगंज में नाबालिग बालिका के विवाह की सूचना पर जेंडर एक्सपर्ट साधना मिश्रा और सुपरवाइजर सत्यम चौरसिया मौके पर पहुंचे। टीम ने परिजनों से आयु संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
बालिका के हित को सर्वोपरि रखते हुए उसे तत्काल संरक्षण में लिया गया और थाना विंधमगंज में जीडी दर्ज कराई गई। इसके बाद बाल कल्याण समिति के निर्देश पर बालिका को बालगृह में सुरक्षित रखा गया, जहां उसकी शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और मनोसामाजिक परामर्श की व्यवस्था की जा रही है।
दूसरी ओर, महुअरिया में मिली सूचना पर जब जांच की गई तो बालिका बालिग पाई गई, जिससे वहां विवाह को वैध माना गया।
यह कार्रवाई बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत की गई। इस कानून के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह कराना दंडनीय अपराध है, जिसमें संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।




