Sonbhadra News : लेखपाल पर लगाया सुविधा शुल्क मांगने का आरोप, ग्रामीणों ने एसडीएम को शिकायती पत्र भेज की कार्यवाही की माँग
जिले में गरीबों और किसानों की खून पसीने की गाढ़ी कमाई पर राजस्वकर्मी खुलेआम डाका डाल रहे हैं, जो योगी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और सुशासन के दावों की पोल खोलती है। ताज़ा......

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9:09 PM, February 10, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जिले में गरीबों और किसानों की खून पसीने की गाढ़ी कमाई पर राजस्वकर्मी खुलेआम डाका डाल रहे हैं, जो योगी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और सुशासन के दावों की पोल खोलती है। ताज़ा मामला जनपद सोनभद्र के सदर तहसील क्षेत्र के सहिजन गाँव का बताया जा रहा है, जहां किसानों ने लेखपाल पर भ्रष्टाचार, अवैध धन उगाही और गलत रिपोर्टिंग के गंभीर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंप मामले की निष्पक्ष जांच और लेखपाल के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता किसानों ने बताया कि "लेखपाल विभिन्न राजस्व कार्यों के लिए किसानों को अनावश्यक रूप से तंग करता है और हर काम के बदले पैसे की मांग करता है। पैसे न देने पर गलत और भ्रामक रिपोर्ट लगाकर कार्यों में अड़चन डाली जाती है। एक प्रमुख उदाहरण के रूप में, ग्राम सहिजन खुर्द की आराजी संख्या 41 मी का जिक्र किया गया है। जुलाई-अगस्त 2023 में इस भूमि को श्वेता मौर्य पुत्री हृदय नारायण ने पुष्पा सिंह पत्नी अजीत कुमार से खरीदा था। उस समय लेखपाल ने नामांतरण रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा था कि भूमि में कोई समस्या नहीं है और यह सरकारी भूमि नहीं है। हालांकि, मार्च-अप्रैल 2025 में जब श्वेता मौर्य ने उसी भूमि को हरीकेश यादव को बेचा और नामांतरण के लिए रिपोर्ट मांगी गई, तो लेखपाल ने रिपोर्ट में इसे जिल्द बंदोबस्त श्रेणी 6(2) रास्ते खाते की भूमि बता दिया, इससे नामांतरण प्रक्रिया रुक गई। वहीं क्रेता हरीकेश यादव ने आरोप लगाया कि लेखपाल ने उनसे पैसे मांगे थे और इंकार करने पर जानबूझकर नकारात्मक रिपोर्ट दी गई। उन्होंने कहा कि एक ही भूमि पर एक ही लेखपाल द्वारा दो अलग-अलग रिपोर्ट देना उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है, यदि भूमि वास्तव में सरकारी या रास्ते की है, तो पहले की रिपोर्ट में इस तथ्य को क्यों छिपाया गया, यह भी जांच का विषय है।"
ग्रामीणों के अनुसार, "लेखपाल खुलेआम धन उगाही करता है और दावा करता है कि उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी क्योंकि पैसे ‘ऊपर तक’ पहुंचते हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई कार्यवाही नहीं होना सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को पलीता लगा रहा है।"



